Nitish Kumar Resignation News: बिहार के सियासी गलियारों से इस वक्त की सबसे सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आने वाली 14 अप्रैल को कैबिनेट बैठक के बाद अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। खबर है कि इसके ठीक अगले दिन यानी 15 अप्रैल को राजभवन में नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह हो सकता है। हालांकि, अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
राजभवन में हलचल तेज, बैठकों का दौर जारी
बता दें कि रविवार को भी पटना में दिग्गज नेताओं की एक बड़ी बैठक बुलाई गई है। सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में नई सरकार की रूपरेखा और मंत्रिमंडल के चेहरों पर अंतिम मुहर लग सकती है। पटना के बेली रोड और राजभवन के आसपास सुरक्षा और सियासी हलचल अचानक बढ़ गई है, जिससे कयासों का बाजार गर्म है।
संजय झा का बड़ा बयान: नीतीश के मार्गदर्शन में चलेगी सरकार
इधर, जेडीयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा ने साफ कर दिया है कि भले ही चेहरा बदल जाए, लेकिन सरकार नीतीश कुमार की नीतियों पर ही चलेगी। उन्होंने कहा कि जनता ने 2025 से 2030 तक का जनादेश नीतीश कुमार के नाम पर दिया है। नीतीश कुमार बिहार की 14 करोड़ जनता के दिल में बसते हैं, उन्हें वहां से निकालना मुमकिन नहीं। वह केवल संसद सत्र के दौरान दिल्ली जाएंगे, बाकी समय बिहार की राजनीति में उनकी सक्रिय भूमिका बनी रहेगी।
विपक्ष को करारा जवाब
संजय झा ने उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया जिसमें जेडीयू के कमजोर होने की बात कही जा रही थी। उन्होंने दो टूक कहा कि नीतीश कुमार की ईमानदारी और काम ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। सूत्रों का कहना है कि पार्टी अब नए तेवर के साथ मिशन 2025 की तैयारियों में जुटने वाली है।
बिहार की जनता के लिए यह बदलाव काफी अहम है। अगर नीतीश कुमार इस्तीफा देते हैं, तो नए मुख्यमंत्री के सामने नीतीश की योजनाओं को उसी रफ़्तार से आगे बढ़ाने की चुनौती होगी। प्रशासन में इस बड़े फेरबदल से विकास कार्यों की गति पर असर पड़ सकता है, लेकिन संजय झा के बयान से साफ है कि जेडीयू अपनी पकड़ ढीली नहीं होने देगी।


