Summer health tips for stomach problems in Hindi

Health Tips: गर्मियों के मौसम में पारा बढ़ने के साथ ही लोगों में पेट दर्द, गैस, पेट फूलना और दस्त जैसी शिकायतें तेजी से बढ़ रही हैं। भीषण गर्मी के कारण पाचन तंत्र सुस्त पड़ जाता है, जिससे खाने के बाद भारीपन और जी मिचलाने जैसी समस्याएं आम हो गई हैं।

गर्मियों में क्यों बढ़ती हैं पेट की बीमारियां?


गर्मी के दिनों में शरीर का तापमान नियंत्रित करने के लिए खून का प्रवाह त्वचा की ओर ज्यादा होता है, जिससे पाचन तंत्र को कम ऊर्जा मिलती है। इसके अलावा, अधिक तापमान में भोजन जल्दी खराब होता है, जिसे खाने से फूड पॉइजनिंग का खतरा बढ़ जाता है। कम पानी पीने वाले लोगों में कब्ज और एसिडिटी की समस्या और भी गंभीर हो जाती है।

इन पर है सबसे ज्यादा खतरा


स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, इस मौसम में बच्चे, बुजुर्ग और वे लोग जिन्हें पहले से पेट की बीमारी है, उन्हें विशेष सावधानी की जरूरत है। इसके साथ ही फील्ड वर्क करने वाले लोग जो पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ नहीं लेते, वे भी इन लक्षणों की चपेट में जल्दी आ रहे हैं।

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प्रमुख लक्षण: मतली, भूख कम लगना, पेट में मरोड़ और शरीर में पानी की कमी।

प्रभावित वर्ग: बच्चे, बुजुर्ग और बाहर का खाना खाने वाले युवा।

सावधानी: दिन में कम से कम 3-4 लीटर पानी का सेवन अनिवार्य है।

कैसे करें बचाव?


हल्का भोजन लें: एक बार में ज्यादा खाने के बजाय छोटे-छोटे अंतराल पर हल्का और सुपाच्य भोजन करें।

तरल पदार्थ बढ़ाएं: अपनी डाइट में छाछ, नींबू पानी, नारियल पानी और बेल का शरबत शामिल करें।

बाहर के खाने से बचें: कटे हुए फल और खुले में बिकने वाले जूस या खाने की चीजों से परहेज करें।

पर्याप्त नींद: शरीर को रिकवर करने के लिए 7-8 घंटे की नींद जरूर लें।

आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ने की संभावना है। यदि आपको लगातार उल्टी या दस्त की शिकायत हो, तो घरेलू नुस्खों के भरोसे न रहें और तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या डॉक्टर से संपर्क करें। स्वास्थ्य विभाग ने भी लोगों को लू (Heat Stroke) और निर्जलीकरण से बचने के लिए एडवाइजरी जारी की है।

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