टीआरपी। रायपुर नगर पालिक निगम की विशेष सामान्य सभा में आज नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने सत्ताधारी भाजपा को जमकर घेरा। महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर बुलाई गई इस सभा में भाजपा पार्षदों के काले कपड़े पहनकर आने पर सवाल उठाते हुए तिवारी ने पूछा कि यह कपड़ों का रंग बिल के समर्थन में है या विरोध में? उन्होंने भाजपा को महिला विरोधी बताते हुए कहा कि जो दल 1989 में महिला आरक्षण का विरोध कर रहा था, वह आज केवल राजनीति कर रहा है।
विपक्ष द्वारा उठाए गए मुद्दे सीधे तौर पर रायपुर की महिलाओं की आर्थिक स्थिति और शहर की मूलभूत सुविधाओं से जुड़े हैं। महतारी वंदन की राशि में अंतर और बुजुर्ग पेंशन का रुकना शहर के हजारों परिवारों के लिए एक बड़ा संकट बना हुआ है।
भाजपा की ‘दोहरी नीति’ पर 5 बड़े प्रहार
नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने सदन में चर्चा के दौरान पांच प्रमुख बिंदुओं पर निगम सरकार को कटघरे में खड़ा किया:
काले कपड़ों का रहस्य: सशक्तिकरण जैसे पवित्र प्रस्ताव पर भाजपा पार्षदों का काला कपड़ा पहनकर आना समझ से परे है। यह प्रस्ताव का समर्थन है या विरोध?
महतारी वंदन में छलावा: छत्तीसगढ़ की महिलाओं को मात्र 1000 रुपये, जबकि एमपी में 1250 और बंगाल में 3000 का वादा क्यों? छत्तीसगढ़ की महिलाओं के साथ यह भेदभाव क्यों किया जा रहा है?
संपत्ति कर में वादाखिलाफी: भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में महिलाओं को 25% संपत्ति कर में छूट का वादा किया था, लेकिन महापौर ने आज भी इसकी घोषणा नहीं की।
ठप पड़ा स्वरोजगार केंद्र: मोवा में 1000 महिलाओं के लिए बना स्वरोजगार केंद्र साल 2024 से तैयार खड़ा है, लेकिन सरकार इसे शुरू नहीं कर रही है।
रुकी हुई पेंशन: बुजुर्ग और विधवा माताओं की 6 माह से पेंशन रुकी हुई है। क्या ट्रिपल इंजन की सरकार के पास इन्हें देने के लिए पैसे नहीं हैं?
चर्चा से भागने का आरोप
आकाश तिवारी ने कहा कि उन्होंने सभापति से तात्यापारा चौड़ीकरण, शहर के भयानक जल संकट और वार्डों के विकास पर चर्चा की मांग की थी, लेकिन महापौर और सत्ता पक्ष इन बुनियादी समस्याओं पर बात करने से बचकर भागते नजर आए।
सदन में विपक्ष की एकजुटता
विशेष सामान्य सभा में नेता प्रतिपक्ष के साथ उप नेता प्रतिपक्ष जय सत्यनारायण नायक, पार्षद संदीप साहू, अर्जुमन ढेबर, शेख मुशीर, दीपमनीराम साहू और रेनू जयंत साहू ने भी सरकार की नीतियों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की।
मुख्य तथ्य
विरोध का स्वरूप: भाजपा पार्षदों का काले कपड़ों में सदन पहुँचना चर्चा का विषय बना।
पेंशन संकट: रायपुर की बुजुर्ग और विधवा महिलाओं को 6 महीने से पेंशन का इंतजार।
अधूरा केंद्र: मोवा का महिला स्वरोजगार केंद्र उद्घाटन की राह देख रहा है।
मुद्दों की अनदेखी: तात्यापारा रोड और पेयजल संकट पर चर्चा से बचता दिखा सत्ता पक्ष।
विपक्ष के इन आरोपों के बाद शहर की राजनीति और गरमाने की उम्मीद है। यदि अगले कुछ दिनों में पेंशन और संपत्ति कर पर कोई फैसला नहीं होता, तो कांग्रेस पार्षदों ने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।



