रायपुर। छत्तीसगढ़ में सुशासन की बयार अब शहरों से निकलकर गांवों की पगडंडियों तक पहुंच गई है। रविवार को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का हेलीकॉप्टर जब जशपुर जिले के सुदूर गांव चंदागढ़ में उतरा, तो नजारा देखने लायक था। गांव के बीचों-बीच एक विशाल बरगद के पेड़ की छांव में मुख्यमंत्री ने अपनी जनचौपाल सजाई। सुशासन तिहार के बहाने मुख्यमंत्री सीधे आम जनता के बीच पहुंचे और उनकी समस्याओं को न सिर्फ सुना, बल्कि मौके पर ही अधिकारियों की क्लास भी लगा दी।

अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश

जनचौपाल में मुख्यमंत्री ने सीधे ग्रामीणों से पूछा राशन, नमक और शक्कर टाइम पर मिल रहा है कि नहीं? बिजली-पानी की क्या स्थिति है? पटवारी चक्कर तो नहीं लगवाता? ग्रामीणों की शिकायतें सुनते ही मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद कलेक्टर और अधिकारियों को स्पष्ट कह दिया कि किसी भी समस्या को लटकाया न जाए। उन्होंने साफ कहा कि मैं यहां समस्या सुनने आया हूं, और समाधान समय पर होना चाहिए।

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लखपति दीदियों की कहानी, CM की जुबानी

चौपाल के दौरान मुख्यमंत्री ने गांव की सुमिला कोरवा और पुष्पलता चौहान जैसी ‘लखपति दीदियों’ से आत्मीय चर्चा की। जब इन महिलाओं ने बताया कि कैसे वे ईंट निर्माण और किराना दुकान से आत्मनिर्भर बनी हैं, तो मुख्यमंत्री ने उनकी पीठ थपथपाई। साय ने बताया कि छत्तीसगढ़ में अब तक 8 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं और यह आंकड़ा रुकने वाला नहीं है। गांव की महिलाओं ने भी बताया कि महतारी वंदन योजना का पैसा उनके खाते में समय पर आ रहा है, जिसे सुनकर मुख्यमंत्री ने संतोष जताया।

चंदागढ़ और भैंसामुड़ा को मिली बड़ी सौगातें

  • गांव में भव्य सामुदायिक भवन का निर्माण किया जाएगा।
  • खेल प्रेमी युवाओं के लिए मिनी स्टेडियम की मंजूरी दी गई।
  • गांव की गलियों में जल्द ही CC रोड का जाल बिछेगा।
  • स्कूली बच्चों को क्रिकेट किट और यूनिफॉर्म बांटने का आदेश दिया।

अटल डिजिटल केंद्रों से बदलेगी गांव की तस्वीर

मुख्यमंत्री ने तेंदूपत्ता संग्राहकों से उनकी आय और चरण पादुका योजना पर भी बात की। उन्होंने ग्रामीणों को बताया कि अब उन्हें जाति या निवास प्रमाण पत्र के लिए शहर के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। पंचायतों में बने अटल डिजिटल सुविधा केंद्रों के जरिए ये सारे काम गांव में ही होंगे। विधायक गोमती साय और वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हुई इस चौपाल ने साबित कर दिया कि सरकार अब जनता के द्वार पर है।

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