बलरामपुर-रामानुजगंज। फर्जीवाड़ा करके नौकरी हासिल करने वालों की पोल कभी न कभी खुल ही जाती है। ऐसा ही कुछ हुआ प्रधान पाठक लालमन सिंह के साथ, जिसने नाम बदल कर गलत दस्तावेज लगाए और नौकरी हासिल कर ली थी।
कलेक्टर के पास पहुंची थी शिकायत
मिली जानकारी के मुताबिक ग्राम कुशफर निवासी सत्यनारायण ने 11 अप्रैल 2025 को कलेक्टर के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि वर्तमान में शासकीय प्राथमिक शाला कोल्हुआ में बतौर प्रधान पाठक पदस्थ लालमन सिंह ने फर्जी दस्तावेजों और गलत पिता के नाम का उपयोग कर सरकारी नौकरी हासिल की थी।
जांच में उजागर हो गया फर्जीवाड़ा
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जांच कराई गई। जांच के दौरान दस्तावेजों की पड़ताल और ग्रामीणों के बयान दर्ज किए गए, जिसमें शिकायत सही पाई गई।
जांच रिपोर्ट के अनुसार, शासकीय प्राथमिक शाला कोल्हुआ के प्रधान पाठक का वास्तविक नाम रामदुलार (पिता जीतू) बताया गया, जबकि उन्होंने लालमन सिंह (पिता रामवृक्ष) के नाम से नौकरी प्राप्त की थी।
‘लालमन’ की आड़ में छिपा था ‘रामदुलार’
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार जांच टीम ने दस्तावेजों की बारीकी से स्क्रूटनी की और संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए, तो पैरों तले जमीन खिसक गई। जांच में यह पूरी तरह साबित हो गया कि नौकरी कर रहे व्यक्ति का वास्तविक नाम रामदुलार (पिता जीतू) है, जबकि उन्होंने सरकारी रिकॉर्ड में खुद को लालमन सिंह (पिता रामवृक्ष) दर्शाकर यह शासकीय पद हासिल किया था।
जांच में इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-3 का उल्लंघन माना गया। इसके बाद संबंधित प्रधान पाठक को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
निलंबन अवधि के दौरान प्रधान पाठक का मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय रामचंद्रपुर निर्धारित किया गया है।
विभाग अब इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और पुलिस में एफआईआर (FIR) दर्ज कराने की तैयारी कर रहा है, ताकि शासकीय खजाने से उठाई गई सैलरी की रिकवरी की जा सके। यह कड़ी कार्रवाई प्रदेश में (Public Servant Dismissal) (शासकीय सेवक बर्खास्तगी) के नियमों के तहत की गई सबसे बड़ी कार्यवाहियों में से एक है।



