रायपुर। ड्राइवर से मोबाइल में अमर्यादित भाषा का उपयोग करने पर जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता शशांक सिंह को राज्य शासन ने निलंबित कर दिया है। बीते 12 मई को शशांक सिंह के ड्राइवर से अमर्यादित वार्तालाप का ऑडियो वायरल हुआ था, जिसमें ड्राइवर को प्रताड़ित करने और अधिकारियों पर अशोभनीय टिप्पणी की गई थी।
वाइरल ऑडियो को लेकर जिला प्रशासन ने शशांक सिंह के साथ ड्राइवर शशिकांत से जवाब मांगा था। संतोषजनक जवाब नहीं पाए जाने पर शशांक सिंह को विभाग ने तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए नवा रायपुर स्थित प्रमुख अभियंता कार्यालय में अटैच किया है। उप सचिव द्वारा जारी आदेश में ड्राइवर को प्रताड़ित करने और इससे प्रशासनिक छवि धूमिल होने का दोषी पाया गया है।
फेडरेशन ने भी ऐसे कर्मियों अफसरों की सूची मांगी
इस मामले के प्रकाश में आते ही अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन ने भी ऐसे अफसरों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। संयोजक कमल वर्मा ने अपने सभी जिला संयोजकों से जिला कार्यालयों में पदस्थ, संलग्न ड्राइवर एवं भृत्यों की जानकारी मांगी है। वर्मा का कहना है कि ऐसे प्रकरणों के कारण फेडरेशन से संबद्ध विभिन्न संगठनों के बीच आपसी टकराव की स्थिति भी निर्मित हो रही है।
जिले के अंतर्गत विभिन्न विभागों में कार्यरत दैवेभो कर्मचारियों को अन्य कार्यालयों में संलग्न किया गया है। कई स्थानों पर उच्च पदस्थ अधिकारी दबाव बनाकर ड्राइवर एवं भृत्यों को अपने कार्यालयों में संलग्न किए जाने की शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। इसके कारण संबंधित विभागों को कर्मचारियों के वेतन आहरण एवं प्रशासनिक कार्यों में अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। वर्मा ने कहा कि फेडरेशन सदैव अपने संबद्ध संगठनों के मध्य आपसी समन्वय, विश्वास एवं सौहार्द का पक्षघर रहा है। प्रदेशभर में इस प्रकार के प्रकरणों में निरंतर वृद्धि देखी जा रही है। कई उच्च पदस्थ अधिकारियों के यहां एक से अधिक वाहन चालक अथवा भृत्य कार्यरत हैं तथा संबंधित अधिकारियों के स्थानांतरण के उपरांत भी इन कर्मचारियों को मूल विभाग में वापस नहीं भेजा जा रहा है। अतः सभी जिला संयोजकों से अनुरोध है कि अपने जिले के अंतर्गत विभिन्न विभागों के ऐसे दैवेभो कर्मचारियों, ड्राइवर एवं भृत्यों की जानकारी /सूची स्वरूप में जो अन्य कार्यालयों में संलग्न होकर कार्यरत हैं, शीघ्र फेडरेशन को उपलब्ध कराने का कष्ट करें, ताकि इस समस्या के समाधान हेतु आगामी राज्य स्तरीय परामर्शदात्री बैठक में विषय को प्रमुखता से उठाया जा सके।



