टीआरपी डेस्क। वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच बुधवार को घरेलू शेयर बाजार में भारी बिकवाली का दबाव देखने को मिला है। हफ्ते के तीसरे कारोबारी दिन दोनों प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी बड़ी गिरावट के साथ लाल निशान पर खुले। इसके साथ ही, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया ऐतिहासिक गिरावट दर्ज करते हुए अपने अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है।

बाजार खुलते ही निवेशकों में अफरा-तफरी

बुधवार सुबह बाजार खुलते ही निफ्टी 50 सूचकांक 160.75 अंक (0.68%) की गिरावट के साथ 23,457.25 के स्तर पर खुला। वहीं, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 394.36 अंक (0.52%) का गोता लगाकर 74,806.49 के स्तर पर खुला।

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, ईरान-अमेरिका तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला बाधित हुई है, जिससे ब्रेंट क्रूड ऑयल लगातार 110 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल के उच्च स्तर पर बना हुआ है। बैंकिंग विशेषज्ञ अजय बग्गा और जियोजित इन्वेस्टमेंट के विनोद नायर के अनुसार, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, देश का चालू खाता घाटा (CAD), बढ़ती महंगाई और सामान्य से कम मानसून के पूर्वानुमान ने निवेशकों की धारणा को पूरी तरह कमजोर कर दिया है।

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रुपया 96.88 के नए रिकॉर्ड निचले स्तर पर

बाजार की गिरावट के बीच सबसे बड़ा झटका करेंसी मार्केट से लगा है, जहां भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 96.88 के नए रिकॉर्ड निचले स्तर पर खुला। इसके साथ ही घरेलू बाजार में चौतरफा बिकवाली रही। सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी मीडिया में सबसे ज्यादा 1.96%, निफ्टी रियल्टी में 1.78%, निफ्टी ऑटो में 1.30%, और निफ्टी पीएसयू बैंक में 1.27% की भारी गिरावट दर्ज की गई।

इसके अलावा आज एशियाई बाजारों में भी हाहाकार रहा; जापान का निक्केई 1.59% और दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक 2.42% तक टूट गया। आज ग्रासिम इंडस्ट्रीज, अपोलो हॉस्पिटल्स और ओला इलेक्ट्रिक जैसी बड़ी कंपनियां अपने चौथी तिमाही (Q4) के नतीजे भी घोषित करने वाली हैं, जिस पर बाजार की नजर रहेगी।