रायपुर शिक्षा विभाग में रिकॉर्ड जलने पर बवाल

टीआरपी। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय की मान्यता शाखा में भीषण आग लगने से पिछले 10 सालों के महत्वपूर्ण शासकीय अभिलेख और दस्तावेज जलकर नष्ट हो गए हैं। इस संवेदनशील घटना के बाद विभाग ने लगभग 850 निजी स्कूलों से साल 2016-17 से 2025-26 तक के रिकॉर्ड दोबारा मांगे हैं, जिससे पूरी कानून व्यवस्था और प्रशासनिक पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

यह मामला सीधे तौर पर छत्तीसगढ़ के हजारों बच्चों और शिक्षा के अधिकार (RTE) के तहत होने वाले करोड़ों-अरबों रुपये के सरकारी भुगतान से जुड़ा है। महत्वपूर्ण वित्तीय और आय-व्यय के रिकॉर्ड जलने से न केवल भ्रष्टाचार को छिपाने की आशंका बढ़ गई है, बल्कि आम जनता का शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर से भरोसा भी डगमगा गया है।

फाइलों में बंद था अरबों का हिसाब, अब जांच की मांग तेज
जानकारी के अनुसार, जो दस्तावेज आग में खाक हुए हैं उनमें निजी विद्यालयों की मान्यता, नवीनीकरण, निरीक्षण प्रतिवेदन और सबसे महत्वपूर्ण RTE के तहत किए गए अरबों रुपये के भुगतान से जुड़े मूल दस्तावेज शामिल थे। सामाजिक कार्यकर्ता विकास तिवारी ने इस पूरे मामले को एक सोची-समझी साजिश बताते हुए पुलिस कमिश्नर, आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) में शिकायत दर्ज कराई है।

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यह विवाद इसलिए भी गहरा गया है क्योंकि वर्तमान जिला शिक्षा अधिकारी हिमांशु भारतीय के खिलाफ निजी स्कूलों की मान्यता में गड़बड़ी की शिकायतें पहले से ही लंबित हैं। खुद स्कूल शिक्षा मंत्री ने विधानसभा में इस बात को स्वीकारा है कि उनके खिलाफ जांच चल रही है। ऐसे में अचानक रिकॉर्ड रूम में आग लग जाना मामले को और ज्यादा संदिग्ध बनाता है, जिसे लेकर अब माननीय उच्च न्यायालय में जनहित याचिका (PIL) दायर करने की तैयारी चल रही है।

प्रभावित स्कूल: रायपुर जिले के लगभग 850 निजी विद्यालयों का डेटा नष्ट हुआ।

प्रभावित कालखंड: पिछले 10 वर्षों (2016-17 से 2025-26) के शासकीय दस्तावेज गायब।

स्वतंत्र जांच की मांग: आगजनी की घटना की स्वतंत्र फॉरेंसिक और EOW-ACB जांच की मांग।

विशेष ऑडिट: RTE भुगतान और स्कूल मान्यता प्रक्रिया का स्पेशल ऑडिट कराने की अपील।

डिजिटल डेटा: बचे हुए दस्तावेजों और डिजिटल बैकअप को तुरंत सुरक्षित करने की मांग।

इस हाई-प्रोफाइल मामले में EOW और ACB को शिकायत सौंपे जाने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। आने वाले दिनों में जांच एजेंसियां रायपुर DEO कार्यालय के रिकॉर्ड रूम का निरीक्षण कर सकती हैं। वहीं, सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा उच्च न्यायालय में PIL दाखिल करने के बाद इस मामले में न्यायिक हस्तक्षेप और दोषियों के खिलाफ बड़ी दंडात्मक कार्रवाई तय मानी जा रही है।

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