टीआरपी डेस्क। दुनिया इस वक्त एक बड़े खतरे के मुहाने पर खड़ी है। एक तरफ अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते को लेकर बातचीत चल रही थी। हर कोई सोच रहा था कि अब शायद मामला शांत हो जाएगा। ठीक इसी बीच अमेरिकी सैनिकों ने दक्षिणी ईरान पर अचानक हमला बोल दिया।

इस हमले के बाद तटीय इलाकों में भयंकर विस्फोटों की आवाजें सुनी गई हैं। अमेरिकी सेना का कहना है कि उन्होंने यह कदम आत्मरक्षा में उठाया है। इस बड़ी कार्रवाई के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव फिर चरम पर पहुंच गया है।

रात के अंधेरे में दहल उठा बंदर अब्बास शहर

विदेशी मीडिया और सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, ईरान के प्रमुख बंदरगाह शहर बंदर अब्बास और उसके आसपास के तटीय इलाकों में एक के बाद एक कई धमाके हुए। धमाकों की गूंज इतनी तेज थी कि लोग डर गए। तटीय इलाके सिरिक और जास्क शहरों में भी इसी तरह की आवाजें सुनी गईं। शुरुआत में किसी को समझ नहीं आया कि यह क्या हो रहा है। बाद में अमेरिकी सेना की तरफ से इस हमले की पुष्टि की गई।

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अमेरिकी सेना ने क्यों की कार्रवाई?

सेंटकॉम (CENTCOM) के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने इस पूरे मामले पर बयान जारी किया है। उन्होंने बताया कि अमेरिकी सेना ने यह हमला अपने सैनिकों को बचाने के लिए किया। टिम हॉकिन्स के अनुसार ईरानी सेना समुद्र में बारूदी सुरंगें बिछाने की कोशिश कर रही थी। इसके अलावा उनके मिसाइल प्रक्षेपण स्थल (लॉन्च पैड) भी एक्टिव थे। अमेरिकी सैनिकों ने इन नौकाओं और मिसाइल साइट्स को अपना निशाना बनाया। अमेरिका का कहना है कि वे युद्धविराम के दौरान संयम बरत रहे हैं, लेकिन अपने लोगों की सुरक्षा से समझौता नहीं करेंगे।

परमाणु बारूद सौंपो या करो नष्ट: ट्रंप का अल्टीमेटम

इस सैन्य कार्रवाई के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक बड़ा बयान सामने आया है। मेमोरियल डे के मौके पर ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा कि ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार नहीं होगा।

ट्रंप ने सोशल मीडिया पर सख्त लहजे में लिखा कि ईरान के पास जो भी संवर्धित यूरेनियम (संवर्धित परमाणु बारूद) है, उसे या तो तुरंत अमेरिका को सौंप दिया जाए ताकि उसे नष्ट किया जा सके, या फिर ईरान उसे खुद उसी जगह पर खत्म कर दे। ट्रंप चाहते हैं कि इस पूरी प्रक्रिया के दौरान अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा आयोग के लोग गवाह के तौर पर मौजूद रहें। अब देखना होगा कि इस हमले के बाद शांति वार्ता का क्या भविष्य होता है।

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