छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव विकासशील ने ई-प्रगति पोर्टल की महत्वपूर्ण परियोजनाओं की समीक्षा की

टीआरपी। मंत्रालय (महानदी भवन) में मुख्य सचिव विकासशील ने ई-प्रगति पोर्टल में दर्ज राज्य की अत्यंत महत्वपूर्ण परियोजनाओं की प्रगति की व्यापक समीक्षा की। उन्होंने काम में बेवजह देरी करने वाली निर्माण एजेंसियों पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने और बाधाओं को तत्काल दूर करने के कड़े निर्देश दिए हैं।

इस कड़े प्रशासनिक रुख से बिलासपुर में कामकाजी महिलाओं के हॉस्टल और सुदूर अंचलों में मोबाइल कनेक्टिविटी जैसी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को रफ्तार मिलेगी। साप्ताहिक मॉनिटरिंग और जियोटैग फोटो अनिवार्य होने से भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी और सरकारी काम समय पर पूरे हो सकेंगे, जिससे सीधे आम जनता को लाभ पहुंचेगा।

ई-प्रगति पोर्टल की 5 प्रमुख परियोजनाओं पर फोकस


समीक्षा बैठक में विशेष रूप से पोर्टल पर दर्ज राज्य की 5 अति-महत्वपूर्ण परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की गई। इनमें वर्किंग वुमेन हॉस्टल (उसलापुर, बिलासपुर), वर्किंग वुमेन हॉस्टल (कोनी, बिलासपुर), 4G स्टेशन DVN मोबाइल टॉवर स्थापना (बिलासपुर), मोबाइल टॉवर हेतु विद्युत अधोसंरचना परियोजना (बिलासपुर) और गरियाबंद जिले की सिकारसर कोडार रिसीवर लिंक कैनाल शामिल हैं। मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया है कि वे प्रत्येक परियोजना की साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट ई-पोर्टल पर फोटो जियोटैग (Photo Geo-tag) के साथ अनिवार्य रूप से अपलोड करें।

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बैठक में जिलों में मोबाइल टॉवर स्थापना के मार्ग में आ रही भूमि आवंटन या अन्य तकनीकी दिक्कतों को संबंधित कलेक्टरों से समन्वय कर शीघ्र दूर करने के निर्देश दिए गए। इस उच्च स्तरीय बैठक में सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, जल संसाधन विभाग तथा उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित थे, जबकि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के 21 जिलों के कलेक्टर शामिल हुए।

समीक्षा की तारीख: 26 मई 2026 को मंत्रालय (महानदी भवन) में यह महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई।

प्रमुख फोकस क्षेत्र: बिलासपुर जिले में मोबाइल कनेक्टिविटी, दो वर्किंग वुमेन हॉस्टल और गरियाबंद की लिंक कैनाल परियोजना।

सक्रिय भागीदारी: बैठक में छत्तीसगढ़ के 21 जिलों के कलेक्टर्स वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सीधे जुड़े।

मुख्य सचिव के निर्देशों के बाद अब संबंधित जिलों के कलेक्टरों को ई-प्रगति पोर्टल की परियोजनाओं की दैनिक समीक्षा करनी होगी। जियोटैग फोटो के साथ साप्ताहिक रिपोर्ट अपलोड होने से आगामी कुछ ही हफ्तों में बिलासपुर और गरियाबंद की इन महत्वपूर्ण परियोजनाओं की जमीनी स्थिति में बड़ा सुधार देखने को मिल सकता है।

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