टीआरपी। छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य सचिव विकासशील ने मंत्रालय महानदी भवन में सीएम हेल्पलाइन के सुचारू संचालन को लेकर सभी विभागों के आला अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय बैठक ली है। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आम जनता से मिलने वाली शिकायतों का त्वरित और समय-सीमा के भीतर निराकरण सुनिश्चित किया जाए, इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
यह नई व्यवस्था छत्तीसगढ़ के आम नागरिकों के लिए सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय तक अपनी समस्याएं पहुंचाने का सबसे बड़ा माध्यम बनने जा रही है। आगामी 9 जून 2026 से शुरू हो रही इस हेल्पलाइन से प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ेगी और अब लोगों को अपनी छोटी-बड़ी शिकायतों के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे, जिससे जमीनी स्तर पर सुशासन मजबूत होगा।
एल-1 से एल-4 स्तर तक ऑटोमैटिक ट्रांसफर होंगी शिकायतें
मुख्यमंत्री एवं सुशासन विभाग के सचिव राहुल भगत ने बैठक में आधुनिक शिकायत प्रबंधन प्रणाली का एक विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया। उन्होंने बताया कि इस प्रणाली को बेहद पारदर्शी और तकनीकी रूप से उन्नत बनाया गया है, जिसमें शिकायतें अपने आप एल-1 से एल-4 स्तर (Level-1 to Level-4) के अधिकारियों तक स्वचालित रूप से ट्रांसफर हो जाएंगी। शिकायत का निवारण होने के बाद नागरिकों से सीधे उनकी संतुष्टि का फीडबैक भी लिया जाएगा।
इस नई हेल्पलाइन के लॉन्च होते ही छत्तीसगढ़ का कोई भी नागरिक टोल-फ्री नंबर 1076 पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज करा सकेगा। इसके अलावा जनता की सुविधा के लिए एक समर्पित वेब पोर्टल, मोबाइल ऐप और व्हाट्सएप (WhatsApp) का विकल्प भी दिया जाएगा। मुख्य सचिव ने सामान्य प्रशासन विभाग को निर्देश दिया है कि 9 जून 2026 की तय तारीख से पहले सभी विभागों के सचिवों, विभागाध्यक्षों, संभागायुक्तों और जिला कलेक्टरों को क्रियान्वयन के संबंध में आवश्यक गाइडलाइन जारी कर दी जाए।
इस महत्वपूर्ण बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव ऋर्चा शर्मा, विधि विभाग की प्रमुख सचिव सुषमा सावंत, आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव शहला निगार सहित खनिज, परिवहन, स्वास्थ्य, ऊर्जा और वित्त विभाग के सभी बड़े सचिव और प्रशासनिक अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
लॉन्चिंग की तारीख: छत्तीसगढ़ में बहुप्रतीक्षित सीएम हेल्पलाइन 9 जून 2026 से आधिकारिक रूप से प्रारंभ हो रही है।
टोल-फ्री नंबर: आम जनता सीधे 1076 नंबर पर फोन करके अपनी शिकायतें और समस्याएं दर्ज करा सकेगी।
तकनीकी माध्यम: शिकायत दर्ज कराने के लिए कॉल के अलावा वेब पोर्टल, मोबाइल ऐप और व्हाट्सएप की सुविधा भी मिलेगी।
निगरानी प्रणाली: शिकायतों के समाधान के लिए एल-1 से एल-4 स्तर तक ऑटोमैटिक ट्रांसफर और फीडबैक सिस्टम बनाया गया है।
मुख्य सचिव के कड़े रुख के बाद अब सभी विभागों में नोडल अधिकारियों की नियुक्ति और तकनीकी टेस्टिंग तेज कर दी गई है। 9 जून को औपचारिक लॉन्चिंग के साथ ही राज्य का एकीकृत शिकायत पोर्टल लाइव हो जाएगा, जिसके बाद सीधे मुख्यमंत्री सचिवालय से हर हफ्ते जिला कलेक्टर्स की पेंडेंसी रिपोर्ट की समीक्षा की जाएगी।



