रायपुर। राज्य के हॉस्पिटैलिटी और कैटरिंग व्यवसाय को सुव्यवस्थित करने और इस क्षेत्र की बढ़ती चुनौतियों का समाधान निकालने के लिए, राज्यभर के प्रमुख कैटरिंग दिग्गजों ने एकजुट होकर आधिकारिक तौर पर ‘छत्तीसगढ़ कैटरर्स एसोसिएशन’ (CCA) का गठन किया है।
इस ऐतिहासिक बैठक का नेतृत्व उद्योग के प्रमुख दिग्गजों ने किया, जिनमें बंटी नाथवानी (जलाराम कैटरर्स), विजय स्वामी (नीलम कैटरर्स) और लोकेश सिंघल (संस्कार कैटरर्स) शामिल थे। इस उच्च स्तरीय बैठक में क्षेत्र के कई अन्य बड़े नामों ने भी सक्रिय रूप से भाग लिया, जिनमें बाबूलाल पालीवाल, दीपेश जैन (भवधन फूड्स) ,तुषार भोजानी (जलाराम राजनांदगांव), सुशांत जी (टी.एफ.सी.), राजू जी (फूड सोल्यूशन्स), विजय शर्मा (मास्टरशेफ)और प्रशांत पारेख (श्रीजी कैटरर्स) प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
12 बजे की समय-सीमा पर बनी सहमति
इस बैठक का मुख्य आकर्षण आयोजनों के समय को सीमित करने पर हुआ सामूहिक निर्णय था। कर्मचारियों के कल्याण, बेहतर लॉजिस्टिक्स प्रबंधन और स्थानीय नियमों के पालन को ध्यान में रखते हुए, एसोसिएशन ने राज्य भर में सभी कैटरिंग कार्यक्रमों के लिए रात 12 बजे की सख्त समय-सीमा (डेडलाइन) तय करने का प्रस्ताव रखा है।
चुनौतियों और उनके समाधान पर चर्चा इवेंट की टाइमिंग के अलावा, बैठक में कैटरिंग उद्योग के सामने आ रही अन्य गंभीर चुनौतियों पर भी खुलकर चर्चा की गई। बैठक में मुख्य रूप से निम्नलिखित मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ:
- सप्लाई चेन की दिक्कतें और कच्चे माल की बढ़ती महंगाई।
- लेबर मैनेजमेंट और कुशल कारीगरों (स्टाफ) की कमी।
- सभी वेंडर्स के बीच हाइजीन (सफाई) और सर्विस के मानकों को बेहतर बनाना।
सभी उपस्थित सदस्यों ने आपसी सहयोग, संसाधनों को साझा करने और सामूहिक रूप से इन परिचालन बाधाओं को दूर करने के रणनीतिक उपायों पर अपने विचार साझा किए।
आगे की रूपरेखा
इस शुरुआती बैठक को एक आधिकारिक कार्यकारी निकाय (एग्जीक्यूटिव बॉडी) का रूप देने के लिए, सदस्यों ने घोषणा की है कि जल्द ही एक औपचारिक समिति का गठन किया जाएगा, जो छत्तीसगढ़ कैटरर्स एसोसिएशन (CCA) का नेतृत्व करेगी। यह आगामी लीडरशिप टीम एसोसिएशन का संविधान तैयार करने, सरकारी स्तर पर कैटरर्स का प्रतिनिधित्व करने और नए नियमों का पालन सुनिश्चित कराने का काम करेगी।
इस एसोसिएशन का गठन छत्तीसगढ़ के हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के लिए एक बड़ा टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है, जिससे राज्य के कैटरिंग उद्योग को अधिक संगठित, विनियमित और एक सुरक्षित भविष्य मिलने की उम्मीद है।



