रायपुर। अगर आप रायपुर में राशन कार्ड होल्डर हैं, तो अब सरकारी दुकान पर जाकर फिंगरप्रिंट लगाना ही पड़ेगा। खाद्य विभाग ने राशन वितरण के नियमों में बड़ा बदलाव कर दिया है। अब ओटीपी के जरिए राशन लेने की सुविधा पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।

अचानक दुकानों पर पहुंचीं संचालक

खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग की संचालक फरिहा आलम सिद्दीकी ने रायपुर की दुकानों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने देवेंद्रनगर स्थित राशन दुकान का जायजा लिया। इस व्यवस्था को खुद परखने के लिए उन्होंने अपने राशन कार्ड से बायोमेट्रिक मशीन पर फिंगर लगाकर 20 किलो एपीएल चावल खरीदा और बाकायदा दुकानदार को पैसे भी दिए।

इन लोगों को मिलेगी छूट, लेकिन है एक शर्त

नया नियम सख्ती से लागू है, लेकिन कुछ मजबूरियों को विभाग ने समझा है। अगर परिवार में 60 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्ग हैं या 10 साल से छोटे बच्चे हैं और उनका फिंगरप्रिंट मशीन में मैच नहीं हो रहा, तो उन्हें खाली हाथ नहीं लौटना पड़ेगा।

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ऐसे विशेष मामलों में ही ओटीपी के जरिए राशन दिया जाएगा। दुकानदारों को ऐसे हितग्राहियों की पूरी लिस्ट बनाकर विभाग को देनी होगी। फिंगर मैच न होने पर दुकानदार को पहले एरिया के खाद्य निरीक्षक से बात करनी होगी, उसके बाद ही ओटीपी वाली प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

दुकानदारों को सीधी चेतावनी

जिला खाद्य नियंत्रक ने सभी दुकान संचालकों की बैठक लेकर साफ कर दिया है कि अपनी मर्जी से किसी को भी ओटीपी के जरिए राशन नहीं देना है। अगर किसी दुकानदार ने बिना अनुमति के ओटीपी सिस्टम का इस्तेमाल किया, तो उन पर गाज गिर सकती है।

अधिकारियों ने मोवा और देवेंद्रनगर की दुकानों में हितग्राहियों से बातचीत की। वहां लोगों ने बताया कि फिंगरप्रिंट से राशन लेने में अब कोई परेशानी नहीं आ रही है। सिस्टम अब पहले से ज्यादा स्मूद हो गया है। विभाग का साफ कहना है कि पारदर्शिता बनाए रखने के लिए बायोमेट्रिक जरूरी है। राशन लेने जाने से पहले सुनिश्चित कर लें कि आपका आधार लिंक है, ताकि दुकान पर पहुंचकर आपको किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

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