टीआरपी। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में खेल अधोसंरचना को वैश्विक स्तर पर मजबूत करने के लिए एक नया अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम बनाने की मंजूरी दे दी गई है। जिला क्रीड़ांगन समिति की उच्च स्तरीय बैठक में इसके निर्माण और जमीन को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) को सौंपने के ऐतिहासिक प्रस्ताव पर मुहर लगी है।
इस अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम के निर्माण से दुर्ग जिला छत्तीसगढ़ के एक नए स्पोर्ट्स हब के रूप में उभरेगा। स्थानीय और ग्रामीण प्रतिभाओं को विश्वस्तरीय खेल सुविधाएं और ट्रेनिंग अपने ही जिले में मिल सकेंगी, जिससे बिलासपुर और रायपुर के बाद दुर्ग से भी राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर के क्रिकेटर्स तैयार होने का रास्ता साफ होगा।
पंडित रविशंकर शुक्ल परिसर का होगा कायाकल्प
स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव और कलेक्टर सह समिति अध्यक्ष अभिजीत सिंह की उपस्थिति में आयोजित बैठक में प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी दी गई। योजना के मुताबिक, वर्तमान परिसर में बने बैडमिंटन कोर्ट की जमीन को छोड़कर बाकी की पूरी भूमि छत्तीसगढ़ राज्य क्रिकेट संघ (CSCS) के माध्यम से BCCI को सौंपी जाएगी। इसके लिए जमीन को 33 वर्षों की लीज पर देने का एक औपचारिक प्रस्ताव तैयार कर अंतिम स्वीकृति के लिए राज्य शासन को भेज दिया गया है।
इस भव्य पुनर्विकास को गति देने के लिए वर्तमान में बने जर्जर व अनुपयोगी पंडित रविशंकर शुक्ल स्टेडियम और मानस भवन की इमारतों को ढहाने (अपलेखन) का निर्णय लिया गया है। परिसर में संचालित व्यावसायिक दुकानों को एक महीने का नोटिस देकर खाली कराया जाएगा और सभी प्रकार के अतिक्रमण हटाए जाएंगे। इस पूरे प्रोजेक्ट के प्रशासनिक समन्वय और निर्माण कार्यों के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) के कार्यपालन अभियंता (EE) को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जबकि वित्तीय प्रबंधन के लिए जिला कोषालय अधिकारी को कोषाध्यक्ष बनाया गया है।
दुर्ग के क्रिकेट स्टेडियम के लिए जमीन BCCI को 33 वर्षों के लिए लीज पर सौंपी जाएगी।
डीएमएफ (DMF) मद से निर्मित अत्याधुनिक बैडमिंटन कोर्ट का संचालन अब जिला क्रीड़ांगन समिति करेगी।
राज्य शासन से प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी मिलते ही जमीन को छत्तीसगढ़ राज्य क्रिकेट संघ (CSCS) को ट्रांसफर कर दिया जाएगा। इसके तुरंत बाद पीडब्ल्यूडी (PWD) की देखरेख में जर्जर भवनों को ढहाने और नया अंतरराष्ट्रीय ढांचा खड़ा करने की प्रारंभिक निर्माण प्रक्रिया शुरू होगी।वों और ग्रामीण विकास की फाइलों को नई गति मिलने की उम्मीद है।



