कसडोल/बलौदाबाजार। रिश्वत के आरोपों के बीच कसडोल के चांटीपाली गांव के किसान कमल ओगरे ने जहर खा लिया। परिजनों ने नायब तहसीलदार आकांक्षा तिवारी पर ट्रैक्टर छोड़ने के एवज में 50 हजार रुपये मांगने का आरोप लगाया है। हालत बिगड़ने पर किसान को अस्पताल में भर्ती कराया गया। अब उनकी हालत स्थिर है। कलेक्टर ने एसडीएम को 3 दिन में जांच रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।

नदी से रेत लाते पकड़ा गया ट्रैक्टर

किसान के बेटे राज ओगरे का आरोप है कि वह महानदी से ट्रैक्टर में रेत लेकर लौट रहा था। तभी नायब तहसीलदार ने उसे रोक लिया। आरोप है कि ट्रैक्टर छोड़ने के लिए 50 हजार रुपये मांगे गए। इनकार करने पर ट्रैक्टर कसडोल थाने में खड़ा करवा दिया गया।

परिजनों का कहना है कि उसी दौरान दो अन्य ट्रैक्टर भी रोके गए थे। कथित लेन-देन के बाद उन्हें छोड़ दिया गया, लेकिन उनका ट्रैक्टर जब्त रहा। 

आर्थिक तंगी से जूझ रहा है परिवार

परिवार के मुताबिक कमल ओगरे पहले से आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे। ट्रैक्टर जब्त होने और रिश्वत की मांग से परेशान होकर उन्होंने जहर खा लिया। परिजन उन्हें तुरंत कसडोल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। बीएमओ वंदना भेले ने बताया कि समय पर इलाज मिलने से जान बच गई। फिलहाल हालत खतरे से बाहर है।

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कांग्रेस विधायक पहुंचे अस्पताल, निष्पक्ष जांच की मांग

इस घटना की खबर मिलते ही स्थानीय विधायक संदीप साहू अस्पताल पहुंचे। उन्होंने किसान का हाल जाना और मामले को गंभीर बताया। कहा कि अवैध वसूली या दबाव की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। रेत परिवहन, ट्रैक्टर जब्ती और कथित लेन-देन की गहन जांच जरूरी है। विधायक ने कलेक्टर और संबंधित मंत्री के सामने मामला उठाने का आश्वासन दिया।

नायब तहसीलदार ने आरोप नकारे

दूसरी ओर नायब तहसीलदार आकांक्षा तिवारी ने सभी आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि रेत परिवहन पर कार्रवाई नियमों के तहत थी। किसी तरह की रिश्वत नहीं मांगी गई। आरोपों को बेबुनियाद बताया और कहा कि जांच में सच्चाई सामने आ जाएगी।

कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश

मामला तूल पकड़ने पर कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने तुरंत संज्ञान लिया। एसडीएम को ट्रैक्टर जब्ती, रेत परिवहन कार्रवाई, रिश्वत के आरोप और जहर सेवन की परिस्थितियों की विस्तृत जांच कर 3 दिन में रिपोर्ट देने को कहा है।

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फिलहाल दोनों पक्षों के दावे अलग हैं। जांच रिपोर्ट के बाद ही साफ होगा कि असल में क्या हुआ और कोई अनियमितता हुई या नहीं।