टीआरपी डेस्क। ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के राशि परिवर्तन को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इस बार बुद्धि, व्यापार और संवाद के कारक माने जाने वाले बुध ग्रह अपनी स्थिति बदलने जा रहे हैं। द्रिक पंचांग के अनुसार आगामी बाईस जून की दोपहर तीन बजकर एकतालीस मिनट पर बुध ग्रह मिथुन राशि से निकलकर कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। चूंकि कर्क राशि का स्वामी चंद्रमा है, इसलिए चंद्रमा की राशि में बुध का यह गोचर यानी राशि बदलना कई मामलों में बेहद खास होने वाला है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार इस गोचर का सबसे शुभ और सकारात्मक प्रभाव मुख्य रूप से चार भाग्यशाली राशियों पर पड़ने जा रहा है, जिससे उनके करियर और आर्थिक स्थिति में बड़ा उछाल आएगा।

मिथुन और कर्क राशि वालों के खुलेंगे किस्मत के ताले, बढ़ेगा बैंक बैलेंस

मिथुन राशि के जातकों के लिए यह गोचर उनके दूसरे भाव में होने जा रहा है, जिसे ज्योतिष में धन का घर कहा जाता है। इस वजह से मिथुन राशि वालों को अटका हुआ पैसा वापस मिल सकता है और बैंक बैलेंस में अच्छी बढ़ोतरी होगी। व्यापारियों के लिए कोई बड़ी बिजनेस डील फाइनल हो सकती है।

See also  चंद्र ग्रहण कल, भारत में नहीं देखा जा सकेगा नग्न आंखों से, जानिए ग्रहण लगने का समय, सूतक टाइम, राशियों पर इसका प्रभाव

वहीं दूसरी तरफ, बुध का यह गोचर कर्क राशि के ही प्रथम भाव यानी लग्न भाव में होने जा रहा है। आम भाषा में समझें तो लग्न भाव का मतलब व्यक्ति का खुद का शरीर और उसका व्यक्तित्व होता है। इसके प्रभाव से कर्क राशि के लोगों की निर्णय लेने की क्षमता बहुत मजबूत होगी और दफ्तर में बॉस व सीनियर अधिकारियों का पूरा सपोर्ट मिलेगा। राइटिंग और मीडिया से जुड़े लोगों को इस दौरान बड़ी सफलता मिल सकती है।

कन्या और तुला राशि के जातकों को मिलेगा बंपर मुनाफा, करियर में तरक्की के योग

कन्या राशि के जातकों के लिए बुध का यह परिवर्तन उनके ग्यारहवें भाव में होने जा रहा है, जिसे लाभ का भाव कहा जाता है। कन्या राशि के स्वामी खुद बुध देव हैं, इसलिए इस राशि के नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या सैलरी इंक्रीमेंट यानी वेतन वृद्धि की खुशखबरी मिल सकती है। शेयर मार्केट से जुड़े लोगों को इस अवधि में बड़ा अप्रत्याशित लाभ होने के योग बन रहे हैं।

See also  अगहन गुरुवार को महालक्ष्मी पूजन का महत्व, इसी दिन से शुरू हो रहा माह

तुला राशि की बात करें तो बुध का गोचर उनके दसवें भाव यानी कर्म भाव में होगा। कर्म भाव का संबंध व्यक्ति के कार्यक्षेत्र, नौकरी और बिजनेस से होता है। तुला राशि के जो लोग लंबे समय से नई नौकरी की तलाश में थे, उन्हें बेहतरीन जॉब ऑफर मिल सकते हैं। नया स्टार्टअप या बिजनेस शुरू करने के लिए भी बाईस जून के बाद का समय सबसे उत्तम रहेगा।