आरएसएस के पंचम सरसंघचालक स्व. के.एस. सुदर्शन की जयंती पर रायपुर में राष्ट्रीय व्याख्यान का आयोजन

टीआरपी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पंचम सरसंघचालक स्व. कुप्पाहली सीतारमैया सुदर्शन की जयंती के अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय व्याख्यान में मुख्य वक्ता मुकुल कानिटकर ने समाज और व्यवस्था में बढ़ते भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार किया है। रायपुर में आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने स्पष्ट किया कि देश के प्रति कर्तव्य न निभाने के कारण ही अनुशासनहीनता बढ़ी है और समाज को अब भ्रष्ट लोगों को प्रतिष्ठा देना बंद करना होगा।

यह व्याख्यान छत्तीसगढ़ के सामाजिक और प्रशासनिक परिदृश्य में नैतिक मूल्यों की पुनर्स्थापना के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। संघ के शीर्ष विचारकों द्वारा रायपुर की धरती से ‘स्व’ के तंत्र, स्वदेशी, और सामाजिक समरसता पर दिया गया यह संदेश स्थानीय नागरिकों में नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और भ्रष्टाचार के खिलाफ सामाजिक चेतना जगाने का काम करेगा।

स्वार्थ ही देशद्रोह: राष्ट्र निर्माण के लिए समाज को बदलना होगा

सुदर्शन प्रेरणा मंच के तत्वावधान में आयोजित इस व्याख्यान में मुकुल कानिटकर ने ‘राष्ट्रीय कर्तव्य, स्वार्थ ही देशद्रोह’ विषय पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने मानव शरीर का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे एक कोशिका के स्वार्थी होने से पूरा शरीर बीमार हो जाता है, ठीक उसी तरह एक व्यक्ति का स्वार्थ पूरे देश को कमजोर कर देता है। उन्होंने कहा कि समाज में भ्रष्टाचार को मौन स्वीकृति मिलना चिंताजनक है और इससे मुक्ति का एकमात्र उपाय यही है कि समाज ऐसे लोगों का बहिष्कार करे।

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संघ के शताब्दी वर्ष का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह कोई उत्सव का अवसर नहीं बल्कि समाज परिवर्तन के कार्यों के सिंहावलोकन का समय है। डॉ. हेडगेवार द्वारा संघ की स्थापना को उन्होंने स्वाधीनता आंदोलन और सत्याग्रह के बाद देश का तीसरा सबसे बड़ा आंदोलन बताया, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय चरित्र का निर्माण करना है। कार्यक्रम की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ प्रांत के संघचालक डॉ. टोपलाल वर्मा ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में अनुराग पांडे उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा ने किया और स्वागत भाषण संयोजिका शील शर्मा द्वारा दिया गया।

मुख्य आयोजन: आरएसएस के पंचम सरसंघचालक स्व. के.एस. सुदर्शन की जयंती पर रायपुर में राष्ट्रीय व्याख्यान का आयोजन।

पंच परिवर्तन के उद्देश्य: समाज परिवर्तन के लिए स्वदेशी चिंतन, कुटुंब शक्ति, सामाजिक समरसता, पर्यावरण संवेदना और राष्ट्रीय कर्तव्य को मुख्य आधार बताया गया।

प्रमुख उपस्थिति: छत्तीसगढ़ प्रांत के संघचालक डॉ. टोपलाल वर्मा और मुख्य अतिथि अनुराग पांडे ने भी नागरिक कर्तव्यों पर विचार रखे।

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सुदर्शन प्रेरणा मंच और संघ से जुड़े विभिन्न संगठन इस व्याख्यान में तय किए गए ‘पंच परिवर्तन’ के उद्देश्यों को जमीनी स्तर पर ले जाने के लिए छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों और शैक्षणिक संस्थानों में युवा विमर्श तथा संगोष्ठियों का आयोजन आगामी महीनों में करेंगे।