टीआरपी। छत्तीसगढ़ के ग्रामीण परिवारों को आजीविका और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार आगामी 1 जुलाई 2026 से वीबी जी राम जी (विकसित भारत गारंटी रोजगार एवं आजीविका मिशन-ग्रामीण) योजना लागू करने जा रही है। इस योजना को लेकर पूरे प्रदेश की ग्राम पंचायतों में व्यापक स्तर पर जनजागरूकता अभियान और ग्राम सभाओं का आयोजन किया जा रहा है।
यह योजना छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों से पलायन रोकने और स्थानीय स्तर पर आजीविका के साधन मजबूत करने में गेम-चेंजर साबित होगी। विशेषकर बेमेतरा जैसे जिलों में जनभागीदारी और मानव श्रृंखला के जरिए जिस तरह ग्रामीण खुद इस मिशन से जुड़ रहे हैं, वह जमीनी स्तर पर आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिखेगा।
योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के मार्गदर्शन में लगातार प्रशिक्षण और बैठकें आयोजित की जा रही हैं। इसी कड़ी में बेमेतरा जिले के जनपद पंचायत बेरला के ग्राम पंचायत सांकरा एवं देवरी में ग्रामीणों ने जागरूकता फैलाने के लिए एक विशाल मानव श्रृंखला का निर्माण किया। ग्रामीणों ने हाथों में तख्तियां लेकर “वीबी जी राम जी – गांव की प्रगति, हम सबकी जिम्मेदारी” जैसे नारों के साथ लोगों को इस मिशन से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।
इस अनूठी पहल की सराहना खुद केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने सोशल मीडिया (X) अकाउंट पर की। उन्होंने लिखा कि छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले से आई यह तस्वीर गांव की जनता की जागरूकता और आत्मविश्वास का प्रतीक है। इसके साथ ही, केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने भी इस प्रयास को सराहा है। योजना के सुचारू संचालन के लिए 30 जून 2026 तक सभी अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और हितग्राहियों का प्रशिक्षण पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। मंगलवार को उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने भी फेसबुक पर लाइव आकर प्रदेश की जनता को इस योजना के लाभों की जानकारी दी और इससे जुड़ने का आह्वान किया।
लागू होने की तिथि: पूरे छत्तीसगढ़ में यह महायोजना 1 जुलाई 2026 से आधिकारिक तौर पर प्रभावी होगी।
प्रशिक्षण की समय-सीमा: योजना के सफल संचालन के लिए 30 जून 2026 तक त्रिस्तरीय (पंचायत, ब्लॉक और जिला) प्रशिक्षण कार्य पूरा किया जाएगा।
केंद्रीय सराहना: केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय मंत्रालय ने बेमेतरा के जन-जागरूकता मॉडल की प्रशंसा की है।
1 जुलाई से योजना के धरातल पर उतरते ही प्रदेश के लाखों ग्रामीण परिवारों को प्रत्यक्ष रोजगार और आर्थिक गतिविधियों का सीधा लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। विभाग द्वारा डिजिटल माध्यमों, रथ प्रचार और मुनादी के जरिए बचे हुए क्षेत्रों में भी शत-प्रतिशत पंजीकरण और जागरूकता सुनिश्चित की जा रही है।



