अम्बिकापुर। राजीव गांधी शिक्षा मिशन (समग्र शिक्षा) में वर्ष 2011-12 में हुए बहुचर्चित फर्नीचर घोटाले की जांच एक बार फिर तेज हो गई है। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने बुधवार को अम्बिकापुर स्थित जिला परियोजना कार्यालय में दबिश देकर दस्तावेजों की जांच की।
लंबे समय से नहीं मिल रहे थे अभिलेख
जानकारी के मुताबिक, घोटाले से जुड़े जरूरी दस्तावेज लंबे समय से उपलब्ध नहीं कराए जा रहे थे। इसी के चलते ACB टीम ने कार्यालय पहुंचकर फर्नीचर खरीदी से संबंधित फाइलों, अभिलेखों और अन्य रिकॉर्ड का परीक्षण किया। इस दौरान कंप्यूटर और डिजिटल दस्तावेजों की भी पड़ताल की गई।
कई अहम दस्तावेज जब्त, आगे होगी कार्रवाई
ACB टीम ने कार्रवाई के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं। अधिकारियों के अनुसार, जब्त अभिलेखों के परीक्षण के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दर्जन भर अधिकारी और 12 फर्में जांच के घेरे में
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2011-12 में हुए इस कथित घोटाले में विभाग के 11 से 12 अधिकारियों और कर्मचारियों के नाम सामने आए थे। साथ ही लगभग 12 व्यावसायिक फर्मों की संलिप्तता भी जांच में उजागर हुई थी। मामले में IPC की धारा 420, 120-बी तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1) और 13(2) के तहत अपराध दर्ज किया गया था।
करीब 13 वर्ष पुराने मामले में ACB की ताजा कार्रवाई के बाद विभागीय हलकों में हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि जांच में मिले दस्तावेजों के आधार पर मामले से जुड़े लोगों के खिलाफ आगे कार्रवाई हो सकती है।



