टीआरपी। रामनगरी अयोध्या के भव्य राम मंदिर में चढ़ावे की धनराशि चोरी होने के मामले ने अब एक बेहद गंभीर और राजनीतिक मोड़ ले लिया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में फैजाबाद बार एसोसिएशन ने आरोपियों की पैरवी करने से पूरी तरह इनकार कर दिया है।

अयोध्या के राम मंदिर से करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था जुड़ी हुई है, जिनमें छत्तीसगढ़ का मानस समाज और रामभक्त भी बड़ी संख्या में शामिल हैं। मंदिर के ट्रस्ट और चढ़ावे की सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक और ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर उठते सवाल देशव्यापी आक्रोश का विषय बन चुके हैं, जिसका सीधा असर छत्तीसगढ़ के धार्मिक विमर्श और सामाजिक प्रतिक्रियाओं पर भी देखने को मिल रहा है।

चंपत राय को अयोध्या छोड़ने की चेतावनी, वकीलों ने दी 5 लाख जुर्माने की धमकी

फैजाबाद बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्रा ने कड़ा रुख अपनाते हुए एलान किया है कि राम मंदिर में दान चोरी करने वाले आरोपियों की पैरवी कोई भी स्थानीय वकील नहीं करेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी भी वकील ने आरोपियों का केस लड़ा, तो उस पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा और उसका वकालत का लाइसेंस भी रद्द कर दिया जाएगा। बार एसोसिएशन ने मांग की है कि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, गोपाल राव और अनिल मिश्रा के खिलाफ तत्काल केस दर्ज कर पूरे मामले की CBI जांच कराई जाए। जरूरत पड़ने पर वकील अपने खर्च पर हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।

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इसके साथ ही कुछ उग्र अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव तीन दिन के भीतर अयोध्या छोड़कर चले जाएं, अन्यथा पूरी अयोध्या को जाम कर दिया जाएगा। हालांकि, एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्र का मानना है कि जांच पूरी होने तक इन तीनों को अयोध्या से बाहर जाने की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए।

बंद कमरे में घंटों हुई पूछताछ, 8 कर्मचारियों पर दर्ज हुई है FIR

इस बड़े विवाद के बीच, सोमवार सुबह पुलिस ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से बंद कमरे में घंटों पूछताछ की और उनके बयान दर्ज किए। पुलिस ने चढ़ावे की गिनती, सुरक्षा व्यवस्था, दान की पूरी प्रक्रिया और बैंक में पैसे जमा करने के सिस्टम को लेकर कड़े सवाल पूछे हैं।

विदित हो कि 6 जून को पहली बार मंदिर के चढ़ावे में चोरी का मामला सामने आया था, जिसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने SIT (विशेष जांच दल) का गठन किया था। 25 जून को आई SIT की रिपोर्ट के आधार पर ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर गणना कर्मी अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्रा, पर्यवेक्षक सुभाष श्रीवास्तव और चंपत राय के ड्राइवर रामशंकर उर्फ टिन्नू सहित आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

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वकीलों का कड़ा फैसला: फैजाबाद बार एसोसिएशन का कोई भी वकील आरोपियों की पैरवी नहीं करेगा; नियम तोड़ने पर 5 लाख का जुर्माना और लाइसेंस रद्द होगा।

अल्टीमेटम: कुछ अधिवक्ताओं ने चंपत राय और अन्य दो पदाधिकारियों को 3 दिन के भीतर अयोध्या छोड़ने की चेतावनी दी है।

FIR और गिरफ्तारी: SIT की रिपोर्ट के बाद 25 जून को चंपत राय के ड्राइवर और सुपरवाइजर सहित 8 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें जेल भेजा गया है।

वकीलों के इस कड़े विरोध और चंपत राय से हुई लंबी पूछताछ के बाद आने वाले दिनों में राम मंदिर ट्रस्ट के भीतर संगठनात्मक बदलाव और राजनीतिक बयानबाजी का और तेज होना तय है।