टीआरपी डेस्क। बिहार के चर्चित भरत भूषण एनकाउंटर मामले में एक नया मोड़ सामने आया है। इस केस में आरोपी बनाए गए तत्कालीन पुलिस उपाधीक्षक राजेश शर्मा को सरकार ने पटना में नई जिम्मेदारी सौंप दी है। उन्हें मद्य निषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो का डीएसपी बनाया गया है। पटना में नई पोस्टिंग मिलने के बाद एनकाउंटर में मारे गए युवक के परिवार वालों ने कड़ी नाराजगी जताई है।
परिजनों ने उठाए सवाल
पुलिस एनकाउंटर में मारे गए बिलौटी गांव निवासी भरत तिवारी मामले में उनकी मां आशा देवी ने जगदीशपुर के तत्कालीन अधिकारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। परिजनों का कहना है कि जिस अधिकारी पर कानूनी कार्रवाई चल रही है, उन्हें नई जिम्मेदारी देना उचित नहीं है। परिवार वालों ने सरकार के इस फैसले पर बड़े सवाल खड़े किए हैं।
सरकार पर संरक्षण देने का आरोप
मृतक की मां आशा देवी ने बयान जारी कर कहा है कि जिन अधिकारी के खिलाफ मामला दर्ज है, उन्हें सजा देने के बजाय नई जगह पर तैनात करना गलत है। उनका आरोप है कि सरकार इस मामले में निष्पक्ष जांच नहीं कर रही है। उनका मानना है कि सरकार संबंधित अधिकारियों को बचाने का प्रयास कर रही है।
पहले भेजा गया था पुलिस लाइन
भरत भूषण तिवारी के एनकाउंटर मामले में शिकायत के बाद संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। इस घटना के बाद तत्कालीन पुलिस उपाधीक्षक राजेश शर्मा को पुलिस लाइन भेज दिया गया था। अब उन्हें एक बड़े विभाग में जिम्मेदारी मिलने से पीड़ित परिवार में रोष है और वे मामले में उचित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।



