टीआरपी डेस्क। मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले से जालसाजी का एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां के नलखेड़ा कस्बे में दो लड़के बहुत शातिर तरीके से नकली नोट छापने का धंधा चला रहे थे। वे इंटरनेट और नई तकनीक का सहारा लेकर पुलिस की आंखों में धूल झोंकने की फिराक में थे, लेकिन उनका यह खेल ज्यादा दिन नहीं चल पाया। स्थानीय पुलिस को अपने मुखबिर से इलाके में चल रही इस गड़बड़ की पक्की खबर मिली थी। पुलिस ने बिना वक्त गंवाए जाल बिछाया और मौके पर छापा मारकर दोनों आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
दुकान के अंदर बना रखा था गुप्त सेटअप
इस पूरे काले धंधे को छिपाने के लिए आरोपियों ने बड़ा ही चालाक दिमाग लगाया था। पकड़े गए आरोपियों की पहचान नरेंद्र सिंह सौंधिया और शुभम सोलंकी के रूप में हुई है। ये दोनों कस्बे के बस स्टैंड के पास एक कृषि सेवा केंद्र चलाते थे। बाहर से देखने पर यह खाद और बीज की एक साधारण दुकान लगती थी ताकि किसी को भी उन पर शक न हो। लेकिन इस दुकान के अंदर ही आरोपियों ने नकली नोट तैयार करने का पूरा गुप्त सेटअप लगा रखा था। जब पुलिस की टीम ने अचानक दुकान के भीतर दबिश दी, तो वहां एक बैग से 500-500 रुपये के 115 नकली नोट बरामद हुए, जिनकी कुल कीमत 57,500 रुपये है। इसके साथ ही पुलिस ने मौके से एक रंगीन प्रिंटर, पेपर कटर और नोट बनाने का दूसरा सामान भी जब्त किया है।
वीडियो देखकर सीखा नोट छापने का शॉर्टकट
जब पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो चौंकाने वाला सच सामने आया। इन लड़कों ने कबूल किया कि उन्हें नकली नोट बनाने का आइडिया और पूरा तरीका यूट्यूब पर वीडियो देखकर मिला था। वहां से पूरी तरकीब सीखने के बाद उन्होंने बाजार से एक अच्छा कलर प्रिंटर खरीदा। ये लोग असली 500 रुपये के नोट को स्कैनर मशीन पर रखकर उसकी हूबहू डिजिटल कॉपी कंप्यूटर में ले लेते थे। फिर कंप्यूटर की मदद से महंगे रंगीन पेपर पर उसका प्रिंट निकाल लेते थे। इसके बाद पेपर कटर से उसे इतनी सफाई से काटते थे कि पहली नजर में कोई भी आम इंसान धोखा खा जाए।
एक ही नंबर के नोटों ने खोल दी पोल
आरोपियों ने प्रिंटर और कटर की मदद से नोटों को असली जैसा दिखाने की पूरी कोशिश तो की, लेकिन वे एक बड़ी चूक कर बैठे। जब पुलिस ने पकड़े गए नोटों की बारीकी से जांच की, तो पाया कि कई सारे नोटों पर एक ही सीरियल नंबर छपा हुआ था। चूंकि रिजर्व बैंक द्वारा जारी असली नोटों में हर एक का नंबर बिल्कुल अलग होता है, इसलिए एक ही नंबर के इतने सारे नोट देखकर पुलिस को समझने में देर नहीं लगी कि यह पूरा बंडल जाली है। फिलहाल, पुलिस ने दोनों को कोर्ट में पेश कर 1 दिन की रिमांड पर लिया है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन्होंने बाजार में अब तक कितने लाख के नकली नोट खपा दिए हैं।


