रायपुर। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने रेड बुल (Red Bull) और स्टिंग (Sting) जैसे नामी ब्रांड्स को नियमों के उल्लंघन के मामले में कड़ा नोटिस थमा दिया है।

दरअसल, FSSAI का साफ कहना है कि भारत के खाद्य सुरक्षा नियमों में “एनर्जी ड्रिंक” नाम की कोई मान्यता या तय मानक मौजूद ही नहीं है। ऐसे में कंपनियां अपने कैफीन वाले ड्रिंक्स को ‘एनर्जी ड्रिंक’ बताकर और ऊर्जा बढ़ाने जैसे बड़े-बड़े दावे करके धड़ल्ले से बाजार में नहीं बेच सकती हैं।

इन नामी ब्रांड्स की बढ़ी मुश्किलें, FSSAI ने इन दावों पर जताई सख्त आपत्ति

FSSAI ने मुख्य रूप से चार बड़े ब्रांड्स को कटघरे में खड़ा करते हुए नोटिस जारी किया है। Hell Energy Drink, Adrenaline Rush, Red Bull और Sting Energy Drink को नोटिस भेजा गया है।

भ्रामक दावों पर रोक

नियामक संस्था ने कंपनियों के उन दावों पर सख्त आपत्ति जताई है जिसमें कहा जाता है कि इसे पीने से शरीर की ऊर्जा बढ़ती है, फोकस बेहतर होता है, दिमाग सक्रिय होता है या कमजोरी दूर होती है।

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लेबलिंग का खेल बंद

SSAI ने स्पष्ट किया कि फूड कैटेगरी सिस्टम का इस्तेमाल करके कोई भी ब्रांड अपनी मर्जी से लेबलिंग का खेल नहीं खेल सकता। नियमों के तहत ऐसे चिकित्सीय दावे पूरी तरह से बैन हैं।

स्कूलों के पास बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध

इधर, छत्तीसगढ़ के पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र से भी इस मामले में एक बड़ा कदम उठाए जाने की खबर है। वहां की सरकार ने फैसला लिया है कि बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए स्कूलों के 500 मीटर के दायरे में Sting और अन्य ऐसे पदार्थों की बिक्री पर पूरी तरह रोक रहेगी। वहां के खाद्य एवं औषधि प्रशासन मंत्री नरहरी झिरवाल ने साफ चेतावनी दी है कि नियम तोड़ने वालों पर सीधे कानूनी कार्रवाई होगी।