रायपुर। नवा रायपुर से लगे तूता गांव में जमीन को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (NRDA) ने अतिक्रमण की शिकायतों पर 35 मकानों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। नोटिस के बाद ग्रामीणों में दहशत है। हालांकि NRDA ने शनिवार को स्पष्ट किया कि तूता में फिलहाल किसी भी तरह की विस्थापन या तोड़फोड़ की कार्रवाई प्रस्तावित नहीं है।

29 जून को नकटी में चला था बुलडोजर

यह नोटिस नकटी में 29 जून को 85 मकान गिराए जाने के तुरंत बाद आया है। NRDA का कहना है कि तूता में केवल शिकायतों के आधार पर नियमानुसार कारण बताओ नोटिस भेजे गए हैं। प्रभावित लोगों से 6 जुलाई तक जवाब मांगा गया है। जवाब आने के बाद ही नियमों के अनुसार आगे की प्रक्रिया तय होगी।

‘नोटिस का मतलब तत्काल बेदखली नहीं’

NRDA के मुताबिक ग्राम तूता में अतिक्रमण की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। अधिकारियों ने स्थल निरीक्षण के बाद संबंधित लोगों को नोटिस जारी किए। प्राधिकरण ने कहा कि नोटिस देना केवल वैधानिक प्रक्रिया है। इसका मतलब तत्काल बेदखली या मकान तोड़ना नहीं है।

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समाधान के लिए होगी बैठक

2 जुलाई को गांव के प्रतिनिधियों और प्रमुख लोगों ने NRDA के CEO से मुलाकात की। बैठक में तय हुआ कि गांव के सभी पक्षों की बैठक कर आम सहमति बनाने का प्रयास किया जाएगा। इसके बाद अधिकारियों के साथ दोबारा चर्चा कर समाधान निकाला जाएगा।

ग्रामीणों में नाराजगी, पंचायत के पत्रों का हवाला

प्रशासन के स्पष्टीकरण के बावजूद गांव में चिंता है। शुक्रवार को ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर नारेबाजी की। उनका कहना है कि कई परिवार 25 से 50 साल से यहां रह रहे हैं और कई पीढ़ियां बस चुकी हैं। सवाल उठाया कि अगर मकान अवैध थे तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई।

NRDA ने बताया कि ग्राम पंचायत की ओर से भी समय-समय पर अतिक्रमण हटाने को लेकर पत्र मिलते रहे हैं। इन्हीं के आधार पर प्राथमिक नोटिस जारी किए गए हैं। प्राधिकरण का कहना है कि उद्देश्य किसी के साथ अन्याय नहीं, बल्कि कानून के अनुसार सार्वजनिक हित में कार्रवाई है।

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