रायपुर। छत्तीसगढ़ के इंद्रावती टाइगर रिजर्व में बाघ की खाल और कंकाल तस्करी मामले में जांच एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। संयुक्त टीम ने तीसरी बाघ की खाल बरामद की है। इस नेटवर्क में महाराष्ट्र के दो आत्मसमर्पित नक्सली भी शामिल निकले। अब तक 8 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जिनमें रिजर्व का एक चौकीदार और महाराष्ट्र पुलिस के 2 जवान भी शामिल हैं।
आत्मसमर्पित नक्सलियों की संलिप्तता का खुलासा
एंटी पोचिंग स्क्वॉड और इंद्रावती टाइगर रिजर्व की टीम ने जांच में बड़ा खुलासा किया। बाघ की खाल तस्करी के इस सिंडिकेट में महाराष्ट्र के 2 आत्मसमर्पित नक्सली शामिल थे। दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार यह पहली बार है जब किसी वन्यजीव अपराध में आत्मसमर्पित नक्सलियों की भूमिका सामने आई है। माना जा रहा है कि जंगलों की गहरी जानकारी का फायदा उठाकर तस्करों ने उन्हें पैसे का लालच देकर नेटवर्क में शामिल किया।

पूछताछ में उन्होंने यह भी खुलासा किया कि दोनों बाघों का शिकार बीजापुर जिले के पासेवाड़ा स्थित आइटीआर के कोर क्षेत्र में किया गया था। लेकिन प्रारंभिक जांच में वन विभाग के रिकार्ड में इन दोनों बाघों का कोई उल्लेख नहीं मिला। यानी जिन बाघों का शिकार हुआ, वे विभाग की निगरानी प्रणाली में दर्ज ही नहीं थे।
अब तक 8 गिरफ्तार, तीसरी खाल बरामद
WCCB, USTR की एंटी पोचिंग स्क्वॉड, इंद्रावती टाइगर रिजर्व और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में अब तक 8 आरोपी पकड़े गए हैं।
गिरफ्तार लोगों में शामिल हैं:
- 2 आत्मसमर्पित नक्सली – महाराष्ट्र
- 1 चौकीदार – इंद्रावती टाइगर रिजर्व
- 2 जवान – महाराष्ट्र पुलिस
- अन्य 3 आरोपी
टीम ने अब तक 3 बाघ की खाल बरामद कर ली है। एक और खाल की बरामदगी बाकी है। जांच एजेंसियां सिंडिकेट से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही हैं और मुखबिर तंत्र की मदद ले रही हैं।
जंगलों में बढ़ाया जाएगा गश्त
वनबल प्रमुख अरुण पाण्डेय ने कहा है कि इंद्रावती सहित राज्य के सभी टाइगर रिजर्व और बाघों की आवाजाही वाले क्षेत्रों में गश्त तेज की जाएगी। मुखबिर तंत्र को मजबूत किया जाएगा और एंटी स्नेयर वॉक अभियान चलाकर जंगलों को फंदामुक्त बनाया जाएगा।
अधिकारियों का कहना है कि सोमवार को इस मामले में और बड़ा खुलासा हो सकता है।


