रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में जन्मी श्रिया श्रुति मिश्रा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार उपलब्धि हासिल कर प्रदेश और देश का गौरव बढ़ाया है। कोयंबटूर के चिन्मय इंटरनेशनल रेजिडेंशियल स्कूल (CIRS) की छात्रा श्रिया ने इंटरनेशनल बैकलॉरिएट (IB) डिप्लोमा प्रोग्राम में 45 में से पूरे 45 अंक हासिल किए हैं। यह उपलब्धि दुनिया के सबसे कठिन प्री-यूनिवर्सिटी पाठ्यक्रमों में से एक माने जाने वाले IB में बेहद दुर्लभ मानी जाती है।
श्रिया ने हायर लेवल में गणित, फिजिक्स और इकोनॉमिक्स जैसे चुनौतीपूर्ण विषय चुने, जबकि स्टैंडर्ड लेवल में केमिस्ट्री, अंग्रेजी और हिंदी का अध्ययन किया। कठिन विषयों के इस संयोजन के साथ पूर्ण अंक हासिल करना उनकी लगन, अनुशासन और शैक्षणिक उत्कृष्टता का प्रमाण माना जा रहा है।
श्रिया की शुरुआती शिक्षा रायपुर के ज्ञान गंगा एजुकेशनल अकादमी में तीसरी कक्षा तक हुई। इसके बाद उन्होंने कोयंबटूर स्थित चिन्मय इंटरनेशनल रेजिडेंशियल स्कूल में प्रवेश लिया। दसवीं तक उन्होंने CBSE पाठ्यक्रम से पढ़ाई की और 11वीं-12वीं के लिए इंटरनेशनल बैकलॉरिएट (IB) डिप्लोमा प्रोग्राम को चुना।
पढ़ाई के अलावा श्रिया थिएटर, खेलकूद और छात्र नेतृत्व गतिविधियों में भी सक्रिय रही हैं। उन्होंने अकादमिक और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों के बीच बेहतर संतुलन बनाते हुए अपनी बहुमुखी प्रतिभा का परिचय दिया।
श्रिया प्रशासनिक सेवा से जुड़े परिवार से हैं। उनकी मां सोनल वर्मा मिश्रा तमिलनाडु कैडर की IPS अधिकारी हैं और वर्तमान में सीआरपीएफ, नई दिल्ली में महानिरीक्षक (IG) के पद पर कार्यरत हैं। उनके पिता संतोष मिश्रा वरिष्ठ IAS अधिकारी रहे हैं और विभिन्न महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। दोनों ने छत्तीसगढ़ में भी कई अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं।
IB डिप्लोमा प्रोग्राम को दुनिया के सबसे चुनौतीपूर्ण स्कूल पाठ्यक्रमों में गिना जाता है और इसमें 45 में 45 अंक हासिल करना बेहद दुर्लभ उपलब्धि है। इस सफलता के बाद श्रिया को दुनिया के कई प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों से छात्रवृत्ति के साथ प्रवेश के प्रस्ताव मिले। उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा के लिए यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, लॉस एंजिलिस (UCLA) में बैचलर्स की पढ़ाई करने का निर्णय लिया है।


