रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी में विवादों केंद्र बन चुका डीकेएस अस्पताल एकबार फिर सुर्खियों में आया है। इसबार सरकारी सुपरस्पेशलिटी अस्पताल डीकेएस से अधीक्षक केके सहारे को हटा दिया गया है। उन्हें अब पं. जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज (मेकाहारा) भेज दिया गया है। सहारे मेडिकल कॉलेज में अब मेडिकल छात्रों को पढ़ाएंगे। हालांकि उन्हें डीकेएस में चल रहे न्यायलीन मामलों की जिम्मेदारी मिली रहेगी।

केके सहारे की जगह डीकेएस की कमान अब चिकित्सा शिक्षा संचालक एसएल आदिले के हाथों में सौंप दिया गया। आदिले डीएमई के साथ-साथ डीकेएस में अधीक्षक पद की जिम्मेदारी संभालेंगे। इस नई जिम्मेदारी के बारे में डीएमई डॉ एसएल आदिले का कहना है कि उनके पास कई प्रभार हैं। इस जिम्मेदारी के साथ एक और बोझ बड़ गया है। अब राज्य शासन का जो आदेश है उसका पालन करना ही होगा।

वहीं डीकेएस अधीक्षक कमल किशोर सहारे का कहना है कि उनका जो ट्रांसफर हुआ समझ से परे है। उन्होंने कहा कि मैं हॉस्पीटल की व्यवस्था को दुरस्थ करते हुए सुचारू रूप से चला रहा था। हो सकता है मुझे आउट सोर्सिंग में कटिंग, घपलाबाजी को उजागर करने की वजह से निशाना बनाया गया है।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।