रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोल लेवी और शराब घोटाले में 3 साल से फरार चल रहे कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल को ईओडब्ल्यू ने हिरासत में ले लिया है। ईओडब्ल्यू ने उनके हिरासत में लिए जाने का अधिकृत बयान जारी किया है। इससे पहले उनके बेटे वैभव अग्रवाल से 2 दिन तक पूछताछ की गई थी।
कोल लेवी मामले में 3 साल से थे फरार
ईओडब्ल्यू के अनुसार रामगोपाल अग्रवाल कोल लेवी वसूली मामले में पिछले 3 साल से फरार थे। ईडी और ईओडब्ल्यू के कई समन के बावजूद वे पूछताछ के लिए नहीं आए थे। उनके कभी देश में तो कभी दुबई में होने की खबरें थीं।
उनके बेटे वैभव अग्रवाल से बुधवार को दूसरे दिन भी पूछताछ हुई। मंगलवार को भी उनसे करीब 8 घंटे पूछताछ हुई थी। इसके बाद रामगोपाल ने ईओडब्ल्यू मुख्यालय पहुंचकर सरेंडर किया।
किन-किन घोटालों में हैं आरोपी
रामगोपाल अग्रवाल कई बड़े घोटालों में आरोपी हैं। इनमें प्रमुख हैं:
– शराब घोटाला: करीब 3,000 करोड़ का मामला
– कोल लेवी वसूली: 450 करोड़ का मामला
– कस्टम मिलिंग प्रोत्साहन: 127 करोड़ का कमीशन का आरोप
– DMF घोटाला
ईडी इन सभी मामलों की पहले से जांच कर रही है और कई नामचीन लोगों को गिरफ्तार कर करोड़ों की संपत्ति सीज कर चुकी है।
कांग्रेस में बढ़ा था कद
रामगोपाल अग्रवाल लगभग एक दशक तक छत्तीसगढ़ कांग्रेस के कोषाध्यक्ष रहे। 2018 में कांग्रेस सरकार बनने के बाद भूपेश बघेल ने उन्हें नागरिक आपूर्ति निगम का अध्यक्ष भी बनाया।
इसी कार्यकाल में राइस मिलरों को फायदा पहुंचाने के लिए कस्टम मिलिंग प्रोत्साहन राशि 40 से बढ़ाकर 120 रुपये क्विंटल की गई थी। ईडी जांच में इस बदले 127 करोड़ कमीशन लेने का आरोप सामने आया।
फरारी के बाद पार्टी ने संभाले आर्थिक अधिकार
रामगोपाल के फरार होने के बाद प्रदेश कांग्रेस बिना कोषाध्यक्ष के ही काम चला रही है। बैंक और आर्थिक दस्तावेजों के अधिकार प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज और महामंत्री मलकीत सिंह गेंदू ने अपने पास ले लिए हैं।



