CG Assembly Monsoon Session : छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन जल जीवन मिशन को लेकर जोरदार हंगामा हुआ। सत्ताधारी दल बीजेपी के ही वरिष्ठ विधायक भईयालाल राजवाड़े ने इस योजना को लेकर अपनी सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया। उन्होंने कोरिया जिले में बिछाई गई पाइपलाइन और पानी की टंकियों के निर्माण में भारी लापरवाही का मुद्दा उठाया। विधायक ने आरोप लगाया कि कागजों में काम को पूरा दिखा दिया गया है। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि ग्रामीणों को अब तक पीने का पानी नहीं मिल पा रहा है।
इस तीखे सवाल पर उपमुख्यमंत्री और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री अरुण साव ने सरकार की तरफ से जवाब दिया। उन्होंने सदन को बताया कि कोरिया जिले में इस मिशन के तहत कुल 928 पानी की टंकियों का निर्माण स्वीकृत किया गया है। इनमें से अब तक 751 टंकियों का काम पूरी तरह से मुकम्मल हो चुका है। इसके अलावा 177 टंकियों का निर्माण कार्य अभी अलग-अलग चरणों में बाकी है। उन्होंने दावा किया कि जिन जगहों पर काम पूरा हुआ है, वहां जलापूर्ति शुरू कर दी गई है।
जमीनी हकीकत पर तकरार और जांच का भरोसा
मंत्री के इस जवाब से विधायक भईयालाल राजवाड़े बिल्कुल भी संतुष्ट नजर नहीं आए। उन्होंने कहा कि अधिकारियों द्वारा दिए गए आंकड़े जमीनी सच्चाई से कोसों दूर हैं। कई गांवों में नल के कनेक्शन दे दिए गए हैं और टोटियां भी लगा दी गई हैं। लेकिन उन नलों से पानी की एक बूंद भी नहीं टपक रही है। यही वजह है कि उन्होंने सरकार से इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग सदन में मजबूती से रखी।
इस पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने विधायक को भरोसा दिलाया कि सरकार किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने एलान किया कि जहां भी इस तरह की शिकायतें आ रही हैं, वहां के कामों की भौतिक जांच कराई जाएगी। इसके बाद जहां कमी पाई जाएगी, वहां सुधार करके पानी की सप्लाई तुरंत बहाल की जाएगी।
योजना की सुस्त रफ्तार का कारण और बजट
इस मिशन के तहत राज्य भर में हजारों करोड़ रुपये पानी की तरह बहाए गए हैं। हालांकि ठेकेदारों की मनमानी और स्थानीय स्तर पर अधिकारियों की ढिलाई के कारण काम की रफ्तार काफी धीमी रही है। कई इलाकों में सड़कों को पाइपलाइन के लिए खोदकर छोड़ दिया गया है। नतीजा यह है कि लोगों को पानी तो नहीं मिला, बल्कि आवाजाही में भारी परेशानी हो रही है।
ग्रामीण आबादी पर इसका प्रभाव और आगे की राह
इस लापरवाही का सीधा असर ग्रामीण इलाकों के गरीब परिवारों पर पड़ रहा है। साफ पानी न मिलने से लोग आज भी दूर-दराज के हैंडपंपों और कुओं पर निर्भर हैं। गंदा पानी पीने की वजह से कई गांवों में बीमारियां फैलने का खतरा भी लगातार बना रहता है।
अब सरकार के इस जांच के भरोसे के बाद विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की टीम प्रभावित गांवों का दौरा करेगी। गड़बड़ी करने वाले ठेकेदारों पर जुर्माना लगाने और उन्हें ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई भी आने वाले दिनों में देखने को मिल सकती है।
FAQs
- विधानसभा में जल जीवन मिशन पर किसने सवाल उठाया?
बीजेपी विधायक भईयालाल राजवाड़े ने कोरिया जिले में योजना के क्रियान्वयन को लेकर सदन में सवाल उठाया।
- कोरिया जिले में कुल कितनी पानी की टंकियां स्वीकृत हैं?
कोरिया जिले में जल जीवन मिशन के तहत कुल 928 पानी की टंकियों का निर्माण स्वीकृत किया गया है।
- वर्तमान में कितनी पानी की टंकियों का निर्माण पूरा हो चुका है?
डिप्टी सीएम अरुण साव के अनुसार, 928 में से 751 टंकियों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।
- विधायक ने योजना को लेकर क्या मुख्य शिकायत दर्ज कराई?
विधायक ने शिकायत की कि कई गांवों में नल और टोटियां तो लग गई हैं, लेकिन उनमें पानी नहीं आ रहा है।
- शिकायतों पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने क्या आश्वासन दिया?
उपमुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि सभी शिकायत वाले स्थानों की जांच कराई जाएगी और समस्या का तुरंत समाधान होगा।


