CAG REPORT : महालेखापरीक्षक कैग की रिपोर्ट में छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन पर गंभीर खामियां उजागर हुई हैं। हालांकि यह रिपोर्ट मार्च 2024 तक की हैं और तब राज्य में 29,153 स्वीकृत योजनाओं में से सिर्फ 172 एकल ग्राम योजनाएं ही पूरी हो पाई थीं।
रिपोर्ट के मुख्य आंकड़े
कैग की रिपोर्ट मार्च 2024 तक की स्थिति पर आधारित है।
योजनाओं की स्थिति :
- स्वीकृत योजनाएं : 29,153 एकल एवं बहुग्राम जल योजनाएं
- पूरी हुईं : सिर्फ 172 एकल ग्राम योजनाएं
- हस्तांतरित: इनमें से केवल 32 योजनाएं ही ग्राम पंचायतों को सौंपी गईं
- खर्च : 11,034.26 करोड़ रुपये
घरेलू नल कनेक्शन :
- अगस्त 2019 : 3.20 लाख घर (6%)
- मार्च 2024 : 38.97 लाख घर (78%)
- देश में रैंक : 23वां स्थान
‘हर घर जल’ लक्ष्य से बहुत ही पीछे
लक्ष्य : मार्च 2024 तक 19,656 गांवों को ‘हर घर जल’ प्रमाणित करना था
हकीकत : केवल 716 गांव (3.64%) ही प्रमाणित हो सके
अधूरी होने के बावजूद कई गांव ‘हर घर जल’ घोषित..!
JJM : कैग ने बताया कि मार्च 2024 तक राज्य के सभी 19,656 गांवों को ‘हर घर जल’ प्रमाणित किया जाना था, लेकिन केवल 716 गांव (3.64 प्रतिशत) ही प्रमाणित किए जा सके। कई मामलों में अधूरी योजनाओं के बावजूद गांवों को हर घर जल घोषित करने की स्थिति भी सामने आई।
जिला वार स्थिति:
- कोई भी जिला 100% कनेक्शन लक्ष्य नहीं पा सका
- 18 जिले : 76% से 98% कवरेज
- 15 जिले : 56% से 74% कवरेज
कैग ने किन खामियों की ओर इशारा किया..?
JJM : रिपोर्ट में कहा गया है कि मिशन के शुरुआती दो वर्षों में धीमी प्रगति के कारण केंद्र और राज्य का कुल 6,480.04 करोड़ रुपये का अंश प्राप्त नहीं हो सका। साथ ही, कई सौर आधारित पेयजल योजनाएं स्थापित क्षमता से अधिक कनेक्शन दिए जाने के कारण 28,984 घरों को निर्धारित न्यूनतम जल सेवा उपलब्ध कराने में विफल रहीं।
जल गुणवत्ता परीक्षण व्यवस्था कमजोर
JJM : छत्तीसगढ़ में जल गुणवत्ता परीक्षण व्यवस्था पर भी कैग ने चिंता जताई है। राज्य की 75 प्रयोगशालाओं में से केवल चार ही सभी 13 निर्धारित मानकों की जांच करने में सक्षम पाई गईं, जबकि 37 प्रतिशत प्रयोगशालाओं के पास राष्ट्रीय परीक्षण एवं अंशांकन प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीएल) की मान्यता नहीं थी।
छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन की ये है हकीकत :
- योजना में देरी : ग्राम, जिला और राज्य स्तर पर कार्ययोजनाएं समय पर तैयार नहीं हुईं
- जल सुरक्षा योजना नहीं : राज्य जल सुरक्षा योजना के अभाव में जल स्रोत संरक्षण और निगरानी कमजोर
- फंड का नुकसान : शुरुआती 2 साल में धीमी प्रगति के कारण केंद्र-राज्य का 6,480.04 करोड़ रुपये का अंश नहीं मिल सका
- सौर योजनाएं फेल : क्षमता से अधिक कनेक्शन देने से 28,984 घरों को न्यूनतम जल सेवा नहीं मिली
- जल जांच कमजोर : 75 प्रयोगशालाओं में से सिर्फ 4 ही सभी 13 मानकों की जांच कर पाईं। 37% लैब को NABL मान्यता नहीं
आगे क्या..?
JJM : कैग ने राज्य सरकार से योजना की गति बढ़ाने, गुणवत्ता सुनिश्चित करने और जल स्रोतों के दीर्घकालिक संरक्षण पर फोकस करने की सिफारिश की है।
FAQ
क्या है जल जीवन मिशन जल जीवन मिशन (JJM)?
जल जीवन मिशन भारत सरकार का एक प्रमुख कार्यक्रम है, जिसे 15 अगस्त 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित किया गया था।
लक्ष्य: इस मिशन का मुख्य लक्ष्य ग्रामीण भारत के सभी घरों में व्यक्तिगत घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना है।
मानक: इसके तहत प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिदिन 55 लीटर पीने योग्य पानी देने का प्रावधान है।
‘हर घर जल’ की क्या है योजना ?
‘हर घर जल’ जल जीवन मिशन के तहत एक विशिष्ट पहल या नारा है। जब किसी गांव, ब्लॉक या जिले के सभी घरों में नल से जल की सुविधा पहुंच जाती है, तो उसे ‘हर घर जल’ घोषित किया जाता है।
प्रमाणन प्रक्रिया: इसमें दो चरण होते हैं। पहले विभाग गांव को ‘हर घर जल’ के रूप में रिपोर्ट करता है और फिर ग्राम सभा एक प्रस्ताव पारित कर इसे प्रमाणित (Certified) करती है।
क्या है CAG ?
भारत का नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक
CAG का अर्थ है Comptroller and Auditor General of India। यह एक संवैधानिक प्राधिकरण है जो भारत के संविधान के अनुच्छेद 148 के तहत स्थापित किया गया है।
भूमिका: इसे सार्वजनिक धन का संरक्षक माना जाता है। इसका मुख्य कार्य केंद्र और राज्य सरकारों के सभी खर्चों का ऑडिट (लेखापरीक्षा) करना है।
उद्देश्य: यह सुनिश्चित करना कि सरकारी धन का उपयोग सही तरीके से, कानून के दायरे में और उसी उद्देश्य के लिए किया गया है जिसके लिए उसे आवंटित किया गया था।
वर्तमान चर्चा: हाल ही में CAG सरकारी निविदाओं (tenders) में भ्रष्टाचार और गलत प्रथाओं का पता लगाने के लिए डेटा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी तकनीकों का उपयोग करने पर जोर दे रहा है।


