Sarpanch’s dismissal : दंतेवाड़ा जिले के कटेकल्याण विकासखंड की ग्राम पंचायत बड़े लेखपाल के सरपंच दिनेश मरकाम को पद से बर्खास्त किए जाने के बाद मामला गरमा गया है। बर्खास्तगी के विरोध में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और अन्य सरपंच बड़ी संख्या में एसडीएम कार्यालय कटेकल्याण पहुंचे और आदेश पर पुनर्विचार की मांग की।

क्यों हुई बर्खास्तगी ?

Dantewada : सरपंच की बर्खास्तगी पर बवाल, पद से हटाए गए दिनेश मरकाम के समर्थन में उमड़े ग्रामीण,प्रशासन से पुनर्विचार की मांग

Sarpanch’s dismissal : दंतेवाड़ा जिले के कटेकल्याण विकासखंड की ग्राम पंचायत बड़े लेखपाल के सरपंच दिनेश मरकाम को पद से बर्खास्त किए जाने के बाद मामला गरमा गया है। बर्खास्तगी के विरोध में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और अन्य सरपंच बड़ी संख्या में एसडीएम कार्यालय कटेकल्याण पहुंचे और आदेश पर पुनर्विचार की मांग की।

क्यों हुई बर्खास्तगी

Sarpanch’s dismissal : एसडीएम लोकांश एल्मा ने दिनेश मरकाम पर लगे गंभीर आरोपों के आधार पर उन्हें तत्काल प्रभाव से सरपंच पद से बर्खास्त कर दिया। दरअसल सरपंच दिनेश मरकाम ने जनहित के मुद्दे पर आंदोलन करने संबंधी पत्र अपने ऑफिसियल लेटर पैड पर लिख कर दिया था। इसके अलावा उसने कटेकल्याण बाजार में गीदम और बाहरी व्यापारियों को व्यापार करने से रोका, और इस संबंध में प्रशासन को लिखित में जानकारी दी। इसे पद का दुरूपयोग मानते हुए उसके खिलाफ यह कार्यवाही की गई।

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ग्रामीणों का विरोध – ‘पक्ष सुने बिना कार्रवाई गलत’

Sarpanch’s dismissal : बर्खास्तगी की इस कार्यवाही के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण एसडीएम कार्यालय पहुंचे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत के तहत किसी भी कार्रवाई से पहले संबंधित व्यक्ति को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाना चाहिए था, मगर सरपंच दिनेश मरकाम को सीधे बर्खास्त कर दिया गया।

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे जितेंद्र सोरी ने बताया कि उन्होंने प्रशासन से आदेश पर पुनर्विचार और निष्पक्ष जांच की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि सरपंच पर एकतरफा कार्रवाई की गई है, जो न्यायसंगत नहीं है।

Sarpanch’s dismissal : सरपंच की बर्खास्तगी के बाद पूरे क्षेत्र में नाराजगी है। अब प्रशासन पर दबाव है कि वह ग्रामीणों की मांग पर मामले की दोबारा जांच करे। फिलहाल पंचायत का कामकाज प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।

FAQ :

सरपंच को बर्खास्त करने के संबंध में क्या कानून है ?

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सरपंच को बर्खास्त किया जा सकता है यदि वह संविधान, अधिनियम या नियमों का उल्लंघन करता है जैसे कि:

1 सरकारी संपत्ति पर अवैध कब्जा करना
2 भ्रष्टाचार या पद का दुरुपयोग
3 अपने कर्तव्यों का पालन न करना
4 किसी आपराधिक या अनुचित गतिविधि में संलिप्त होना

यदि बर्खास्तगी में मनमानी पाई जाती है तो न्यायालय अपीलों के माध्यम से निर्णय रद्द कर सकते हैं

सरपंच कैसे चुना जाता है और उसके मूल कार्य क्या हैं ?

पंचायती राज सिस्टम में लोकल एडमिनिस्ट्रेशन को सही ढंग से चलाने के लिए कई पद होते हैं। इससे लोगों को सभी लेवल पर एडमिनिस्ट्रेटिव निर्णय लेने की सुविधा मिलती है। ऐसे ही कुछ पदों में मुखिया, प्रधान और सरपंच के पद शामिल हैं।

सरपंच पंचायत के सदस्यों में से एक होता है और प्रधान के सहायक के रूप में कार्य करता है। सरपंच का कार्य पंचायत के विकास के क्षेत्र में नेतृत्व करना, निर्णय लेना और प्रधान को समर्थन प्रदान करना होता है। वह अन्य पंचों के साथ मिलकर ग्राम पंचायत बनाता है। सरपंच का कार्यकाल 5 साल का होता है। उसको गांव के लोग चुनते हैं।

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पंचायती राज कानून क्या है ?

पंचायती राज ग्रामीण भारत में स्थानीय स्वशासन की एक प्रणाली है। इसमें पंचायती राज संस्थाएँ शामिल हैं जो गाँवों पर शासन करती हैं और सरकारी योजनाओं को लागू करती हैं। इस प्रणाली को भारतीय संविधान के भाग IX में परिभाषित किया गया है और यह विभिन्न स्तरों पर संचालित होती है। इसमें गाँव स्तर पर ग्राम पंचायतें, ब्लॉक स्तर पर पंचायत समिति और जिला स्तर पर जिला परिषद शामिल हैं। पंचायती राज का उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक न्याय और जमीनी स्तर पर लोकतंत्र को बढ़ावा देना है।एसडीएम लोकेश एल्मा ने दिनेश मरकाम पर लगे गंभीर आरोपों के आधार पर उन्हें तत्काल प्रभाव से सरपंच पद से बर्खास्त कर दिया। दरअसल सरपंच दिनेश मरकाम ने जनहित के मुद्दे पर आंदोलन करने संबंधी पत्र अपने ऑफिसियल लेटर पैड पर लिख कर दिया था। इसके अलावा उसने कटेकल्याण बाजार में गीदम और बाहरी व्यापारियों को व्यापार करने से रोका, और इस संबंध में प्रशासन को लिखित में जानकारी दी। इसे पद का दुरूपयोग मानते हुए उसके खिलाफ यह कार्यवाही की गई।