कलिंगा विश्वविद्यालय रायपुर ने ओझा पब्लिकेशन के सहयोग से एक-सप्ताह के राष्ट्रीय FDP 'रिसर्च रीइमेजिन्ड 2026' का सफल आयोजन किया।
कलिंगा विश्वविद्यालय रायपुर ने ओझा पब्लिकेशन के सहयोग से एक-सप्ताह के राष्ट्रीय FDP 'रिसर्च रीइमेजिन्ड 2026' का सफल आयोजन किया।

Kalinga University: शिक्षा, शोध और तकनीक के समन्वय को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रायपुर स्थित कलिंगा विश्वविद्यालय के वाणिज्य और प्रबंधन संकाय ने ‘ओझा पब्लिकेशन एंड रिसर्च हाउस’ के सहयोग से एक-सप्ताह के संकाय विकास कार्यक्रम (Faculty Development Program – FDP) का सफल आयोजन किया। “रिसर्च रीइमेजिन्ड 2026” शीर्षक से 20 से 25 जुलाई 2026 तक हाइब्रिड मोड में आयोजित इस कार्यक्रम को देश भर के शिक्षाविदों और शोधार्थियों से शानदार प्रतिक्रिया मिली।

वैश्विक व देश के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों का रहा मार्गदर्शन

FDP की शुरुआत इंटरनेशनल हेलेनिक यूनिवर्सिटी, ग्रीस के डॉ. जॉर्जियोस ममानिस के मुख्य भाषण से हुई, जिन्होंने वैश्विक स्तर पर बदल रहे शोध परिदृश्य पर अपने विचार साझा किए।

इसके अतिरिक्त देश के कई नामचीन संस्थानों—जैसे मेडिकैप्स यूनिवर्सिटी, एनएमआईएमएस हैदराबाद, संदीप यूनिवर्सिटी, इलाहाबाद विश्वविद्यालय, जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, एमआईटी-डब्ल्यूपीयू पुणे, सिम्बायोसिस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी और दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट—के विशेषज्ञों ने सत्रों का संचालन किया।

एआई (AI) और डेटा एनालिटिक्स पर व्यावहारिक प्रशिक्षण

सप्ताहभर चले इस कार्यक्रम में प्रतिभागियों को निम्नलिखित प्रमुख विषयों पर व्यावहारिक (Hands-on) प्रशिक्षण प्रदान किया गया:

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एआई-सक्षम (AI-enabled) शोध उपकरण और अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र

व्यवस्थित साहित्य समीक्षा और सांख्यिकीय डेटा विश्लेषण

अकादमिक लेखन और अंतर्राष्ट्रीय प्रकाशन रणनीतियाँ

अनुसंधान नैतिकता, बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) एवं शोध फंडिंग के अवसर

वाणिज्य एवं प्रबंधन संकाय के डीन और कार्यक्रम के संयोजक डॉ. श्रीकृष्ण ढाले तथा प्रबंधन विभागाध्यक्ष व सह-संयोजक डॉ. निष्ठा शर्मा ने कहा कि वर्तमान दौर में एआई-संचालित नवाचार, अंतरविषय अनुसंधान और उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षण ही शोध का मुख्य आधार हैं।

इस FDP का सुचारू समन्वय डॉ. शिंकी के. पांडे, डॉ. दीप्ति पटनायक, डॉ. रूपम जैन हाजरा और डॉ. दिव्या नंदिनी शर्मा द्वारा किया गया। देश भर से आए प्रतिभागियों ने व्यावहारिक दृष्टिकोण और सत्रों की प्रासंगिकता की सराहना की।

(FAQs)

प्र.1: कलिंगा विश्वविद्यालय में ‘रिसर्च रीइमेजिन्ड 2026’ FDP का आयोजन कब और किस मोड में किया गया?

उ: इस एक-सप्ताह के FDP का आयोजन 20 से 25 जुलाई 2026 तक हाइब्रिड मोड (ऑनलाइन व ऑफलाइन) में किया गया।

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प्र.2: इस FDP का आयोजन किस विभाग और संस्था के सहयोग से किया गया?

उ: इसका आयोजन कलिंगा विश्वविद्यालय के वाणिज्य और प्रबंधन संकाय द्वारा ओझा पब्लिकेशन एंड रिसर्च हाउस के सहयोग से किया गया।

प्र.3: ‘रिसर्च रीइमेजिन्ड 2026’ FDP का मुख्य उद्देश्य क्या था?

उ: इसका मुख्य उद्देश्य शिक्षाविदों, शोधार्थियों और छात्रों को आधुनिक शोध पद्धतियों, AI-सक्षम शोध उपकरणों, डेटा एनालिटिक्स, IPR और प्रकाशन रणनीतियों में दक्ष बनाना था।

प्र.4: FDP में अंतर्राष्ट्रीय मुख्य वक्ता के रूप में किसने अपना विचार रखा?

उ: इंटरनेशनल हेलेनिक यूनिवर्सिटी, ग्रीस के डॉ. जॉर्जियोस ममानिस ने मुख्य वक्ता के रूप में वैश्विक शोध परिदृश्य के बदलते स्वरूप पर अपना व्याख्यान दिया।

प्र.5: इस कार्यक्रम के संयोजक और सह-संयोजक कौन थे?

उ: वाणिज्य एवं प्रबंधन संकाय के डीन डॉ. श्रीकृष्ण ढाले कार्यक्रम के संयोजक थे, तथा प्रबंधन विभाग की अध्यक्ष डॉ. निष्ठा शर्मा सह-संयोजक थीं।