CG Education: भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. विजयशंकर मिश्रा ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में सुशासन, पारदर्शिता और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में एक ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के दिशा-निर्देशों में राज्य सरकार ने बीते दो वर्षों में शिक्षा विभाग का व्यापक कायाकल्प किया है।
शुक्रवार को कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए डॉ. मिश्रा ने बताया कि वर्षों पुरानी अव्यवस्थाओं, दफ्तरों के चक्कर काटने की मजबूरी और शिक्षक-विहीन शालाओं जैसी चुनौतियों का अंत करते हुए सरकार ने तकनीक और न्यायसंगत फैसलों के जरिए हर वर्ग को सीधी राहत पहुँचाई है।
डिजिटल गवर्नेंस से बढ़ी पारदर्शिता और अनुशासन
डॉ. मिश्रा ने बताया कि वीएसके (VSK) मोबाइल ऐप के जरिए प्रदेश के 1,77,126 शिक्षक अब प्रतिदिन ऑनलाइन हाजिरी लगा रहे हैं, जिससे शालाओं में अनुशासन सुदृढ़ हुआ है। इसके अलावा, सिंगल पोर्टल व्यवस्था के ज़रिए छुट्टियों व सेवा संबंधी 30,19,439 आवेदनों का पारदर्शी ऑनलाइन निस्तारण किया गया। पदोन्नति की पुरानी मैनुअल व्यवस्था को समाप्त कर ऑनलाइन सिस्टम से 1,335 टी-संवर्ग तथा 1,478 ई-संवर्ग के शिक्षकों को निष्पक्षता से प्राचार्य बनाया गया, वहीं प्रधान पाठक व अन्य श्रेणियों के लगभग 7,000 पदों पर पारदर्शी प्रमोशन दिया गया।
विवादों का समाधान और 453 शिक्षक-विहीन शालाओं में पदस्थापना
पुरानी व्यवस्था की कमियों को दूर करते हुए सरकार ने 2,621 बी-एड धारक सहायक शिक्षकों को ‘विज्ञान प्रयोगशाला’ में सफलतापूर्वक समायोजित कर उनके हितों को सुरक्षित किया है। ऐतिहासिक युक्ति-युक्तकरण के तहत 15,165 शिक्षकों एवं प्राचार्यों का समायोजन किया गया। इसका परिणाम यह हुआ कि पूर्व में जो 453 शालाएँ पूरी तरह शिक्षक-विहीन थीं और 5,936 शालाएँ एकल-शिक्षक के भरोसे थीं, वहाँ अब पर्याप्त शिक्षकों की पदस्थापना हो चुकी है। साथ ही, “आईजीओटी (iGOT) कर्मयोगी” पोर्टल के जरिए 1,95,818 शिक्षक व कर्मचारी डिजिटल प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं।
5,000 नए शिक्षकों की भर्ती और मुफ्त योजनाएं
युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने हेतु सरकार ने 5,000 नए शिक्षकों की सीधी भर्ती की अनुमति दे दी है, जिसकी सम्भावित परीक्षा अक्टूबर-नवम्बर 2026 में आयोजित की जाएगी। इसके अलावा दिव्यांगजनों के लिए 848 विशेष पदों को स्वीकृति दी गई है।
छात्र कल्याण की योजनाओं की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया:
निःशुल्क पाठ्यपुस्तक योजना: सत्र 2024-25 में ₹144.55 करोड़ से 52 लाख से अधिक विद्यार्थी और सत्र 2025-26 में ₹144.59 करोड़ से 45.35 लाख से अधिक छात्र लाभान्वित हो रहे हैं।
निःशुल्क गणवेश (यूनिफॉर्म) योजना: पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों के लिए सत्र 2024-25 में ₹65 करोड़ के बजट से 30.84 लाख बच्चे तथा सत्र 2025-26 में ₹65 करोड़ के प्रावधान से 28.63 लाख से अधिक छात्र लाभान्वित हो रहे हैं।
इस पत्रकार वार्ता में भाजपा प्रदेश प्रवक्ता डॉ. किरण बघेल एवं प्रदेश मीडिया सह संयोजक राहुल राय भी उपस्थित रहे।
FAQs
प्रश्न 1: छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शिक्षकों के कितने पदों पर नई भर्ती की अनुमति दी गई है और परीक्षा कब हो सकती है?
उत्तर: राज्य सरकार द्वारा 5,000 नए शिक्षकों की सीधी भर्ती की अनुमति दी गई है, जिसकी सम्भावित परीक्षा अक्टूबर-नवम्बर 2026 में आयोजित की जाएगी।
प्रश्न 2: शिक्षक-विहीन और एकल-शिक्षक स्कूलों की समस्या को दूर करने के लिए क्या कदम उठाए गए?
उत्तर: पारदर्शी युक्ति-युक्तकरण प्रक्रिया के तहत 15,165 शिक्षकों और प्राचार्यों का न्यायसंगत समायोजन किया गया, जिससे 453 शिक्षक-विहीन शालाओं में शिक्षकों की पदस्थापना हुई और एकल-शिक्षक स्कूलों की समस्या समाप्त हुई।
प्रश्न 3: शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति और सेवा संबंधी आवेदनों के लिए किन डिजिटल पोर्टल्स का उपयोग किया जा रहा है?
उत्तर: शिक्षकों की दैनिक ऑनलाइन हाजिरी के लिए ‘VSK मोबाइल ऐप’ और छुट्टियों व सेवा संबंधी आवेदनों के पारदर्शी निस्तारण के लिए ‘सिंगल पोर्टल व्यवस्था’ का उपयोग किया जा रहा है।
प्रश्न 4: बी-एड धारक सहायक शिक्षकों के हित में राज्य सरकार ने क्या फैसला लिया?
उत्तर: सरकार ने तकनीकी अड़चनों को दूर करते हुए 2,621 बी-एड धारक सहायक शिक्षकों को ‘विज्ञान प्रयोगशाला’ में सफलतापूर्वक समायोजित कर उनके हितों को सुरक्षित किया।
प्रश्न 5: सत्र 2025-26 में मुफ्त पाठ्यपुस्तक और गणवेश योजना के लिए कितना बजट रखा गया है?
उत्तर: सत्र 2025-26 में मुफ्त पाठ्यपुस्तक योजना के लिए ₹144.59 करोड़ (45.35 लाख से अधिक छात्रों हेतु) और मुफ्त गणवेश योजना के लिए ₹65 करोड़ (28.63 लाख से अधिक छात्रों हेतु) का बजट प्रावधान किया गया है।


