Kulgam Terror Attack: जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में हुए नृशंस आतंकी हमले के बाद जहां एक तरफ परिजनों में मातम पसरा है, वहीं राज्य सरकार ने पीड़ित परिवारों के लिए बड़ी राहत का एलान किया है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने हमले में मारे गए छत्तीसगढ़ के दो प्रवासी मजदूरों के परिवारों को 10-10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि (Ex-gratia) देने की घोषणा की है।
मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के अनुसार, यह सहायता राशि मुख्यमंत्री राहत कोष से प्रदान की जाएगी, जो जिला प्रशासन द्वारा पूर्व में घोषित 6-6 लाख रुपये की तत्काल वित्तीय सहायता के अतिरिक्त होगी।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कुलगाम में निर्दोष मजदूरों की हत्या की कड़े शब्दों में निंदा की और गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि सरकार इस दुखद और मुश्किल घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है।
यह दर्दनाक घटना कुलगाम जिले के दक्षिण कश्मीर स्थित केलम इलाके में शुक्रवार देर शाम घटी, जहाँ एक ईंट भट्ठे पर काम कर रहे छत्तीसगढ़ निवासी दीपक रात्रे और बोपिंदर (दोनों की उम्र लगभग 20 वर्ष) को आतंकियों ने गोलियों से भून दिया। हमले के बाद सुरक्षा बलों ने पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर हमलावर आतंकियों की तलाश में व्यापक अभियान शुरू कर दिया है।
(FAQ)
प्र.1: कुलगाम आतंकी हमले में मारे गए मजदूर किस राज्य के रहने वाले थे?
उत्तर: हमले में मारे गए दोनों प्रवासी मजदूर (दीपक रात्रे और बोपिंदर) छत्तीसगढ़ के रहने वाले थे।
प्र.2: मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पीड़ित परिवारों के लिए कितनी सहायता राशि की घोषणा की है?
उत्तर: मुख्यमंत्री राहत कोष से दोनों मृतक मजदूरों के परिवारों को 10-10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की गई है।
प्र.3: जिला प्रशासन की ओर से पहले कितनी तत्काल सहायता राशि दी गई थी?
उत्तर: जिला प्रशासन की ओर से पूर्व में ही 6-6 लाख रुपये की तत्काल राहत राशि घोषित की जा चुकी थी (अब कुल सहायता 16-16 लाख रुपये हो जाएगी)।
प्र.4: यह आतंकी हमला कुलगाम के किस इलाके में और कहाँ हुआ था?
उत्तर: यह हमला कुलगाम जिले के दक्षिण कश्मीर स्थित केलम इलाके में एक ईंट भट्ठे पर हुआ था।
प्र.5: आतंकी हमले का शिकार हुए दोनों युवाओं के नाम क्या थे?
उत्तर: मृतकों के नाम दीपक रात्रे और बोपिंदर थे, जिनकी उम्र करीब 20 वर्ष थी।


