रायपुर। दो सूत्रीय मांगों को लेकर आज प्रदेशभर के पटवारी एक दिवसीय हड़ताल पर रहे। राजधानी रायपुर समेत सभी जिलों में पटवारियों ने जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन कर राजस्व निरीक्षक और नायब तहसीलदार पद पर पदोन्नति और वेतन विसंगति दूर करने की मांग की।

पटवारी संघ का कहना है कि 2013 के बाद से उनका प्रमोशन नहीं हुआ है और एक ही काम के लिए अलग-अलग वेतन दिया जा रहा है। मांग पूरी नहीं होने पर आगे उग्र आंदोलन की चेतावनी दी गई है।

क्या हैं 2 मुख्य मांगें ?

प्रदेश के पटवारियों ने शासन के सामने 2 बड़ी मांगें रखी हैं।

मांग 1: पदोन्नति में 50-50% कोटा

राजस्व निरीक्षक और नायब तहसीलदार के पदों पर वरिष्ठता + विभागीय परीक्षा के आधार पर 50-50 प्रतिशत पद पटवारियों के लिए आरक्षित किए जाएं। पटवारी संघ का कहना है कि प्रदेश में राजस्व निरीक्षकों की भारी कमी है।

मांग 2: वेतन विसंगति दूर हो

एक ही समय में भर्ती हुए पटवारियों को वन और नजूल शाखा में अलग-अलग अधिकार और वेतन मिल रहा है। समान काम के बावजूद वेतन में असमानता है। शासन से स्पष्ट मार्गदर्शन की मांग की गई है।

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पटवारी संघ के पदाधिकारियों ने कहा – 2013 के बाद से आज तक हमारा प्रमोशन नहीं हुआ। हम वर्षों से इसी पद पर हैं। शासन हमारा ध्यान नहीं दे रहा।

रायपुर में कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

रायपुर जिले के पटवारियों ने सचिव राजस्व विभाग के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में वेतन विसंगति और पदोन्नति प्रक्रिया तुरंत शुरू करने की मांग की गई। 

मांग नहीं मानी तो प्रांत स्तरीय रणनीति

पटवारी संघ ने कहा है कि आज एक दिवसीय सांकेतिक प्रदर्शन के जरिए शासन का ध्यान खींचा है। अगर मांगें नहीं मानी गईं तो प्रांत स्तर पर बैठक कर आगे की रणनीति तय की जाएगी और आंदोलन को तेज किया जाएगा।

FAQ: पटवारी हड़ताल

सवाल 1. पटवारी क्यों हड़ताल पर रहे ?

पदोन्नति और वेतन विसंगति दूर करने की मांग को लेकर।

सवाल 2. मुख्य मांगें क्या हैं ?

1.  राजस्व निरीक्षक/नायब तहसीलदार में 50% पदोन्नति कोटा

2.  वेतन विसंगति दूर करना

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सवाल 3. आखिरी प्रमोशन कब हुआ ?

2013 के बाद से प्रमोशन नहीं हुआ है।

सवाल 4. आगे क्या होगा ?

मांग नहीं मानी तो प्रांत स्तर पर चर्चा कर उग्र आंदोलन होगा।