epfo-pf-withdrawal-rules-2026: नई दिल्ली। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने भविष्य निधि (PF) से आंशिक निकासी के नियमों को आसान बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव किया है। अब पहले से चली आ रही कई अलग-अलग निकासी शर्तों को मिलाकर एक सरल व्यवस्था तैयार की गई है।
नए बदलाव के तहत निकासी को मुख्य रूप से तीन श्रेणियों- जरूरी जरूरतें, आवास संबंधी जरूरतें और विशेष परिस्थितियां में बांटा गया है। सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य कर्मचारियों के लिए PF की राशि निकालने की प्रक्रिया को आसान बनाना और रिटायरमेंट के लिए पर्याप्त रकम सुरक्षित रखना है।
12 महीने की सेवा के बाद आंशिक निकासी
नए प्रावधानों के तहत सभी तरह की आंशिक निकासी के लिए न्यूनतम सेवा अवधि को एक समान कर 12 महीने किया गया है। पहले अलग-अलग जरूरतों के लिए सेवा अवधि की शर्त अलग थी और कई मामलों में यह अवधि काफी लंबी थी। अब पात्र कर्मचारी एक साल की सेवा पूरी करने के बाद निर्धारित शर्तों के तहत आंशिक PF निकासी कर सकेंगे।
PF खाते में 25% राशि रहेगी सुरक्षित
नई व्यवस्था में सदस्य के PF खाते में कम से कम 25 प्रतिशत राशि बनाए रखने का प्रावधान किया गया है। यानी सामान्य परिस्थितियों में पात्र सदस्य अपने उपलब्ध PF बैलेंस का 75 प्रतिशत तक निकाल सकेगा। सरकार का तर्क है कि इससे कर्मचारियों को जरूरत के समय PF की राशि उपलब्ध होगी, साथ ही रिटायरमेंट के लिए कुछ रकम खाते में बनी रहेगी।
बेरोजगारी में भी 75% राशि निकाल सकेंगे
नौकरी छूटने या बेरोजगार होने की स्थिति में सदस्य को PF की 75 प्रतिशत राशि निकालने की सुविधा दी गई है। इसमें कर्मचारी और नियोक्ता दोनों के योगदान के साथ उस पर मिला ब्याज शामिल है। बची हुई 25 प्रतिशत राशि एक साल बाद निकाली जा सकती है। हालांकि, कुछ विशेष परिस्थितियों जैसे सेवानिवृत्ति, स्थायी दिव्यांगता, काम करने में असमर्थता, छंटनी या स्थायी रूप से भारत छोड़ने की स्थिति में पूरी राशि निकालने की अनुमति भी है।
शिक्षा और शादी के लिए भी बदले नियम
शिक्षा और शादी के लिए PF निकासी की सुविधा को भी अधिक लचीला बनाया गया है। नए प्रावधानों के तहत शिक्षा के लिए 10 बार और शादी के लिए 5 बार तक निकासी की अनुमति दी गई है। पहले दोनों जरूरतों के लिए कुल निकासी की संख्या सीमित थी।
13 नियमों को तीन श्रेणियों में किया गया शामिल
EPFO ने आंशिक निकासी से जुड़े 13 जटिल प्रावधानों को मिलाकर तीन मुख्य श्रेणियां बनाई हैं। इनमें जरूरी जरूरतों में बीमारी, शिक्षा और शादी को शामिल किया गया है। दूसरी श्रेणी में मकान से जुड़ी जरूरतें हैं, जबकि तीसरी श्रेणी विशेष परिस्थितियों के लिए है। इससे सदस्यों को यह समझने में आसानी होगी कि किस स्थिति में PF की राशि निकाली जा सकती है।
पूरी PF राशि निकालने के लिए 12 महीने इंतजार
समय से पहले PF की पूरी राशि निकालने के नियमों में भी बदलाव किया गया है। पहले नौकरी छोड़ने के बाद अंतिम निपटान के लिए दो महीने की प्रतीक्षा अवधि थी। अब इसे बढ़ाकर 12 महीने किया गया है। वहीं, पेंशन से जुड़ी अंतिम निकासी के लिए प्रतीक्षा अवधि दो महीने से बढ़ाकर 36 महीने की गई है। इसका उद्देश्य नौकरी छोड़ते ही पूरी बचत निकालने की प्रवृत्ति को कम करना और कर्मचारियों की लंबी अवधि की सामाजिक सुरक्षा बनाए रखना है।
प्रक्रिया होगी ज्यादा आसान
EPFO के मुताबिक नए नियमों से आंशिक निकासी की प्रक्रिया को सरल बनाने और ऑटोमेटेड क्लेम सेटलमेंट को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। दस्तावेजी प्रक्रिया को कम करने और डिजिटल व्यवस्था को मजबूत करने पर भी जोर दिया जा रहा है। सरकार का कहना है कि सुधारों का मकसद कर्मचारियों को जरूरत के समय PF की राशि तक आसान पहुंच देना है, लेकिन साथ ही उनके रिटायरमेंट फंड को पूरी तरह खत्म होने से बचाना भी है।


