Spurious oil seized from petrol pump: अगर आप किसी पेट्रोल पंप से अपनी गाड़ी के लिए लुब्रिकेंट ऑयल खरीद रहे हैं तो हो जाइए सावधान, यह ऑयल नकली भी हो सकता है। कतिपय पंप संचालक ब्रांडेड कंपनियों का नकली ऑयल बेच रहे हैं। ऐसे ही एक मामले में पुलिस ने एक पेट्रोल पंप से भरी मात्रा में नकली ऑयल जब्त किया है।

कोरबा जिले के दीपका थाना क्षेत्र के ग्राम तिवरता स्थित श्रद्धा पेट्रोल पंप में नकली ऑटोमोबाइल उत्पादों की बिक्री का खुलासा हुआ है। कंपनी की शिकायत पर पुलिस ने पेट्रोल पंप के स्टोर रूम में दबिश देकर टाटा DEF और गल्फ ऑयल के कुल 212 नग सीलबंद डिब्बे बरामद किए हैं। मामले में पेट्रोल पंप संचालक और सप्लायर के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।

टेस्ट परचेसिंग के बाद मारा छापा 

टाटा EIPR (India) Pvt. Ltd. के जांच अधिकारी सानी घोष ने दीपका थाना में शिकायत दी थी कि श्रद्धा पेट्रोल पंप पर टाटा मोटर्स और गल्फ ऑयल के नकली उत्पाद बेचे जा रहे हैं। 

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सूचना के बाद सानी घोष ने टेस्ट परचेसिंग के तहत 20 लीटर का एक टाटा DEF खरीदा। जांच में वह नकली निकला। इसके बाद पुलिस ने गवाहों की मौजूदगी में उस डिब्बे को जब्त किया।

स्टोर रूम से मिला 8.5 लाख का माल

पुलिस टीम ने पेट्रोल पंप के पीछे स्थित स्टोर रूम में तलाशी ली। वहां संचालक चैतन्य मनहर पिता कुशल मनहर मौजूद मिला। तलाशी में टाटा मोटर्स DEF के 192 नग और गल्फ ऑयल लुब्रिकेंट के 20 नग, सभी 20-20 लीटर के सीलबंद डिब्बे मिले। पुलिस ने सभी 212 डिब्बे जब्त कर लिए। जब्त माल की अनुमानित कीमत करीब 8.5 लाख रुपयेबताई जा रही है।

खरीदी के कागजात नहीं दे पाया संचालक

पुलिस ने मौके पर धारा 94 बीएनएसएस के तहत संचालक से खरीद-बिक्री के दस्तावेज मांगे। चैतन्य ने लिखित में बताया कि उसके पास कोई दस्तावेज नहीं है। उसने यह माल कोरबा निवासी अनूप गोयल द्वारा दिए जाने की बात कही है।

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इन धाराओं के तहत केस दर्ज

पुलिस ने चैतन्य मनहर और अनूप गोयल के खिलाफ धारा 318(4), 347, 349 BNS और कॉपीराइट अधिनियम 1957 की धारा 63 के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।

कंपनी के जांच अधिकारी सानी घोष ने बताया कि वे कंपनी की ओर से बाजार में नकली उत्पादों की जांच और कानूनी कार्रवाई के लिए अधिकृत हैं। बरामद उत्पाद नकली हैं या नहीं, इसकी अंतिम पुष्टि कंपनी और विशेषज्ञों की जांच के बाद होगी।

FAQ: कोरबा नकली ऑयल मामला

कहां हुई कार्रवाई?

कोरबा-दीपका के ग्राम तिवरता स्थित श्रद्धा पेट्रोल पंप के स्टोर रूम में।

कितना और क्या माल जब्त हुआ?

कुल 212 डिब्बे। टाटा DEF के 192 नग और गल्फ ऑयल के 20 नग, सभी 20 लीटर के।

किसकी शिकायत पर कार्रवाई हुई?

टाटा EIPR India Pvt Ltd के जांच अधिकारी सानी घोष की शिकायत पर।

किसके खिलाफ FIR हुई?

पेट्रोल पंप संचालक चैतन्य मनहर और सप्लायर अनूप गोयल के खिलाफ।

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कौन सी धाराएं लगी हैं?

BNS की धारा 318(4), 347, 349 और कॉपीराइट अधिनियम 1957 की धारा 63।