Sukma Anganwadi workers showing hand made Rakhi for soldiers
सुकमा में देश के जवानों के लिए अपने हाथों से 2055 रक्षा सूत्र तैयार कर अधिकारी को सौंपते आंगनबाड़ी कार्यकर्ता

Raksha Sutra Campaign: रक्षाबंधन के पावन पर्व के उपलक्ष्य में छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने देश की सीमाओं पर तैनात वीर जवानों के प्रति सम्मान और स्नेह व्यक्त करते हुए एक भावुक पहल की है।

महिला एवं बाल विकास विभाग के ‘रक्षा सूत्र’ अभियान के तहत जिले भर की आंगनबाड़ी दीदियों ने अपने हाथों से 2055 रक्षा सूत्र (राखियां) तैयार की हैं। इन रक्षा सूत्रों के साथ जवानों के मस्तक पर तिलक लगाने के लिए सुकमा जिले की पवित्र मिट्टी भी भेजी गई है।

नारी शक्ति और राष्ट्रभक्ति का प्रेरणादायक संगम

कलेक्टर अमित कुमार और जिला पंचायत सीईओ मुकुंद ठाकुर की उपस्थिति में इस अभियान का शुभारंभ हुआ। प्रशासनिक अधिकारियों ने आंगनबाड़ी दीदियों के इस भावनात्मक प्रयास की सराहना करते हुए इसे नारी शक्ति, राष्ट्रभक्ति और सामाजिक सहभागिता का बेहतरीन उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि गांव-गांव में तैयार किया गया प्रत्येक रक्षा सूत्र देश की रक्षा में चौबीसों घंटे तैनात जवानों के प्रति गहरी कृतज्ञता का प्रतीक है।

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हाथों से तैयार किए 2055 रक्षा सूत्र और पवित्र मिट्टी

जिले की सभी आंगनबाड़ियों में इस अभियान को लेकर खास उत्साह देखा गया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले जवान उनके भाइयों के समान हैं। सभी 2055 राखियों और सुकमा की पवित्र माटी को विधिवत पैक कर सरहद पर भेजा गया है, ताकि रक्षाबंधन के अवसर पर सुकमा की बहनों का प्यार और आशीर्वाद सीधे सीमाओं तक पहुंच सके।

पारंपरिक पर्व को राष्ट्र सेवा से जोड़ने वाली अनूठी पहल

जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग के मार्गदर्शन में आयोजित यह पहल रक्षाबंधन को केवल एक पारंपरिक त्यौहार तक सीमित न रखकर इसे राष्ट्र सेवा से जोड़ती है। यह अभियान संदेश देता है कि विषम परिस्थितियों में सीमा पर खड़े हर जवान के साथ देश की बहनों का अटूट विश्वास और दुआएं हमेशा जुड़ी हुई हैं।

(FAQ)

प्रश्न 1: सुकमा की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने जवानों के लिए कितने रक्षा सूत्र भेजे हैं?

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उत्तर: आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने अपने हाथों से तैयार किए गए कुल 2055 रक्षा सूत्र (राखियां) जवानों के लिए भेजे हैं।

प्रश्न 2: रक्षा सूत्रों के साथ सुकमा से जवानों के लिए और क्या भेजा गया है?

उत्तर: राखियों के साथ सरहद पर तैनात जवानों के तिलक हेतु सुकमा जिले की पवित्र मिट्टी भी भेजी गई है।

प्रश्न 3: यह अभियान किस विभाग द्वारा और किस नाम से चलाया गया है?

उत्तर: यह अभियान महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा ‘रक्षा सूत्र’ अभियान के नाम से चलाया गया है।

प्रश्न 4: इस अभियान का शुभारंभ किन प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ?

उत्तर: अभियान का शुभारंभ सुकमा कलेक्टर अमित कुमार और जिला पंचायत सीईओ मुकुंद ठाकुर की उपस्थिति में हुआ।

प्रश्न 5: ‘रक्षा सूत्र’ अभियान का मुख्य उद्देश्य क्या है?

उत्तर: इसका मुख्य उद्देश्य रक्षाबंधन के पर्व को राष्ट्र सेवा से जोड़ना और देश की रक्षा में तैनात जवानों के प्रति सम्मान, स्नेह और कृतज्ञता प्रकट करना है।

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