Haldwani Incident Protest Congress Satyagraha: उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद मंच के तथाकथित ‘शुद्धीकरण’ के विरोध में छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कांग्रेस ने तीखा विरोध दर्ज कराया।
राजीव गांधी चौक से संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा तक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पैदल मार्च निकालकर सत्याग्रह किया। इस दौरान लगातार तीसरे दिन ईडी (ED) की कार्रवाई और वरिष्ठ कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल की गिरफ्तारी के विरोध में भी धरना प्रदर्शन जारी रहा।
“जातिगत भेदभाव और संकीर्ण सोच का परिचायक है हल्द्वानी की घटना”
सत्याग्रह और पैदल मार्च के दौरान एआईसीसी महासचिव एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने हल्द्वानी की घटना को अत्यंत निंदनीय और आहत करने वाला बताया। उन्होंने कहा कि खड़गे जी दलित समाज से आते हैं, इसलिए बीजेपी के सहयोगी संगठनों और हिंदू राइट विंग द्वारा मंच का शुद्धीकरण करना उनकी दलित विरोधी और जातिवादी सोच को उजागर करता है।
पूर्व सीएम ने तीखा हमला बोलते हुए कहा, “अगर बीजेपी और आरएसएस को दलित वर्ग से इतनी ही घृणा है, तो उन्हें ट्रेन, बस और हवाई यात्रा भी बंद कर देनी चाहिए। उन्हें भोजन भी नहीं करना चाहिए, क्योंकि अन्न और सब्जियां भी दलित समाज के श्रम से ही उनके घर तक पहुंचती हैं।” उन्होंने न्यायपालिका से इस असंवैधानिक और अमानवीय कृत्य पर स्वतः संज्ञान (Suo Moto) लेकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
बीजेपी की सहयोगी संस्था बनी ईडी
हल्द्वानी घटना के विरोध के साथ-साथ, रायपुर शहर व ग्रामीण जिला कांग्रेस के तत्वाधान में केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी (ED) के खिलाफ लगातार तीसरे दिन धरना प्रदर्शन जारी रहा। कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल की गिरफ्तारी और अन्य नेताओं पर हो रही कार्रवाई पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार को आड़े हाथों लिया।
भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि जब भाजपा राजनीतिक रूप से कांग्रेस का मुकाबला नहीं कर पाती, तो जांच एजेंसियों को आगे कर देती है। उन्होंने कहा, “जैसे भाजपा का युवा मोर्चा या किसान मोर्चा है, वैसे ही अब ईडी ‘भारतीय जनता ईडी मोर्चा’, आईटी ‘भारतीय जनता आईटी मोर्चा’ और सीबीआई ‘भारतीय जनता सीबीआई मोर्चा’ बन चुकी है। भाजपा राजनीतिक बदला लेने और कांग्रेस की छवि खराब करने के लिए बिना किसी सबूत के मीडिया के माध्यम से अनर्गल आरोप लगवा रही है।”
सैकड़ों कार्यकर्ताओं की रही मौजूदगी
इस दोहरे विरोध प्रदर्शन में एआईसीसी महासचिव भूपेश बघेल के साथ राजेंद्र तिवारी, सुशील आनंद शुक्ला, प्रमोद दुबे, कुलदीप जुनेजा, पंकज शर्मा, कन्हैया अग्रवाल, डॉ. राकेश गुप्ता, सुबोध हरितवाल सहित सैकड़ों की संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी नेताओं ने एक स्वर में कहा कि कांग्रेस इस तरह की ओछी मानसिकता और दमनकारी नीतियों के खिलाफ संवैधानिक तरीके से सड़क पर लड़ाई जारी रखेगी।
(FAQs)
प्रश्न 1: कांग्रेस ने रायपुर में राजीव गांधी चौक से अंबेडकर प्रतिमा तक पैदल मार्च क्यों निकाला?
उत्तर: उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा के बाद बीजेपी समर्थित संगठनों द्वारा मंच का ‘शुद्धीकरण’ किए जाने और इस जातिगत भेदभाव के विरोध में यह सत्याग्रह व पैदल मार्च निकाला गया।
प्रश्न 2: हल्द्वानी की घटना पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने क्या तीखी टिप्पणी की?
उत्तर: भूपेश बघेल ने कहा कि अगर बीजेपी-आरएसएस को दलितों से इतनी ही घृणा है, तो उन्हें बस-ट्रेन की यात्रा और भोजन करना भी छोड़ देना चाहिए, क्योंकि अन्न भी दलितों के श्रम से उन तक पहुंचता है।
प्रश्न 3: कांग्रेस रायपुर में ईडी (ED) के खिलाफ धरना क्यों दे रही है?
उत्तर: कांग्रेस नेताओं के खिलाफ की जा रही कार्रवाई और वरिष्ठ कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल की गिरफ्तारी को राजनीति से प्रेरित बताते हुए कांग्रेस लगातार धरने पर बैठी है।
प्रश्न 4: भूपेश बघेल ने केंद्रीय जांच एजेंसियों को लेकर क्या आरोप लगाया?
उत्तर: उन्होंने कहा कि बीजेपी राजनीतिक मुकाबला न कर पाने पर जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है और ईडी, सीबीआई तथा आईटी अब बीजेपी के अलग-अलग ‘मोर्चे’ की तरह काम कर रहे हैं।
प्रश्न 5: हल्द्वानी घटना के मामले में कांग्रेस ने न्यायपालिका से क्या अपील की है?
उत्तर: कांग्रेस ने न्यायपालिका से आग्रह किया है कि इस अमानवीय और असंवैधानिक कृत्य पर स्वतः संज्ञान (Suo Moto) लेकर निष्पक्ष जांच कराए और दोषियों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई करे।


