Blue Water Incident: राजधानी रायपुर के ब्लू वाटर में डूबे युवक की तलाश के लिए ईस्टर्न नेवल कमांड के 1 अधिकारी और 10 एक्सपर्ट गोताखोर रायपुर पहुंचेंगे, दोपहर 2-3 बजे के बाद अंडरवाटर सर्च ऑपरेशन शुरू होगा। डूबे युवक की तलाश के लिए हरसंभव संसाधन का निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ब्लू वाटर (Blue Water) में हुई घटना में लापता युवा की तलाश के लिए बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर विशाखापट्टनम से भारतीय नौसेना का विशेष गोताखोर दल छत्तीसगढ़ आ रहा है।
यह टीम आज दोपहर 2 से 3 बजे रायपुर पहुंचेगी और पहुंचते ही सर्च ऑपरेशन शुरू करेगी।
ईस्टर्न नेवल कमांड, विशाखापट्टनम की इस विशेष टीम में एक अधिकारी और 10 विशेषज्ञ नौसैनिक गोताखोर शामिल हैं। इन्हें गहरे पानी में गोताखोरी और अंडरवाटर सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन में महारत हासिल है।
मुख्यमंत्री साय ने घटना की जानकारी मिलते ही हरसंभव संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में राज्य प्रशासन ने भारतीय नौसेना से मदद मांगी है ताकि खोज अभियान को और प्रभावी बनाया जा सके।
गौरतलब है कि स्थानीय प्रशासन और SDRF की टीम अब तक सर्च कर रही थी, लेकिन ब्लू वाटर की गहराई और पानी के भीतर विजिबिलिटी कम होने से अभियान में दिक्कत आ रही थी। नौसेना के आने से डीप वाटर सर्च में बड़ी मदद मिलने की उम्मीद है।
FAQ: ब्लू वाटर हादसे में नौसेना की मदद
सवाल 1. ब्लू वाटर हादसे के लिए कौन सी टीम आ रही है?
भारतीय नौसेना की विशेष गोताखोर टीम। ईस्टर्न नेवल कमांड, विशाखापट्टनम से 1 अधिकारी और 10 एक्सपर्ट गोताखोर आ रहे हैं।
सवाल 2. टीम कब पहुंचेगी और सर्च कब शुरू होगा?
टीम 23 अगस्त दोपहर 2-3 बजे रायपुर पहुंचेगी और उसी के बाद ब्लू वाटर में सर्च ऑपरेशन शुरू करेगी।
सवाल 3. नौसेना की मदद क्यों ली जा रही है?
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर हरसंभव संसाधन लगाने के तहत मदद ली गई है। ब्लू वाटर की अधिक गहराई में लोकल टीम को दिक्कत हो रही थी, नौसेना के पास डीप वाटर सर्च की विशेष दक्षता है।


