Chhattisgarh H1N1 Case: छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू यानी H1N1 संक्रमण का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। सरगुजा क्षेत्र से जुड़े एक अधिकारी में H1N1 संक्रमण की पुष्टि हुई है। फिलहाल उनका इलाज रायपुर के रामकृष्ण हॉस्पिटल में चल रहा है।
अधिकारी को बुखार, सर्दी और सांस लेने में परेशानी थी। जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उन्हें रायपुर रेफर कर अस्पताल में भर्ती कराया गया। परिवार के अन्य सदस्यों की भी निगरानी की जा रही है।
कांकेर से लौटने के बाद बिगड़ी तबीयत
मिली जानकारी के अनुसार, संक्रमित अधिकारी सरगुजा के सेंट्रल जेल से जुड़े हैं। कुछ समय पहले वे परिवार के साथ कांकेर गए थे। वहां से लौटने के बाद उन्हें बुखार, सर्दी और सांस लेने में परेशानी होने लगी। लक्षण लगातार बने रहने पर उनकी चिकित्सकीय जांच कराई गई। H1N1 टेस्ट पॉजिटिव आने के बाद उन्हें इलाज के लिए रायपुर भेजा गया। परिवार के अन्य सदस्यों की स्थिति फिलहाल सामान्य बताई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग उनकी निगरानी कर रहा है।
सरगुजा में स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
H1N1 का मामला सामने आने के बाद सरगुजा का स्वास्थ्य अमला अलर्ट मोड पर है। विभाग ने लोगों से बुखार, सर्दी-खांसी और सांस से जुड़ी परेशानी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने की अपील की है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, जरूरत पड़ने पर गंभीर मरीजों को आइसोलेशन वार्ड में रखने की व्यवस्था की गई है। फिलहाल अंबिकापुर की वायरोलॉजी लैब में H1N1 जांच की सुविधा उपलब्ध नहीं है। ऐसे मामलों में मरीजों के सैंपल जांच के लिए रायपुर भेजे जा रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज में दवाओं की व्यवस्था पर जोर
स्वास्थ्य विभाग मेडिकल कॉलेज अस्पताल में स्वाइन फ्लू के इलाज के लिए जरूरी एंटीवायरल दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी काम कर रहा है। इसके लिए CGMSC को सूचना दी गई है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि H1N1 संक्रमण की समय पर पहचान और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार इलाज मिलने पर मरीज के ठीक होने की संभावना रहती है। हालांकि सांस लेने में परेशानी और लगातार तेज बुखार जैसे लक्षणों को गंभीरता से लेना जरूरी है।
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
लगातार बुखार, सर्दी-खांसी ठीक नहीं होना, गले में खराश, शरीर में दर्द, कमजोरी और सीने में जकड़न जैसे लक्षण दिखाई देने पर डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी गई है। खासकर सांस लेने में परेशानी होने पर तत्काल चिकित्सकीय जांच कराना जरूरी है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से लक्षण दिखने पर समय पर चिकित्सा सलाह लेने की अपील की है।


