Chhattisgarh Youth Congress Election: लंबे इंतजार के बाद छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस के संगठनात्मक चुनाव की तस्वीर साफ हो गई है। 30 अगस्त से 29 सितंबर शाम 5 बजे तक ऑनलाइन चुनाव प्रक्रिया चलेगी। प्रदेश में 10 लाख से अधिक युवा सदस्य मतदान कर सकते हैं। चुनाव की तारीख तय होते ही प्रदेश अध्यक्ष समेत अलग-अलग पदों के दावेदारों और उनके समर्थकों की सक्रियता बढ़ गई है।
निर्धारित पात्रता पूरी करने वाले वैध सदस्यों को मतदान का अधिकार मिलेगा। खास बात यह है कि एक पात्र सदस्य को संगठन के अलग-अलग पदों के लिए कुल छह वोट डालने होंगे। इनमें प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश महासचिव, जिला अध्यक्ष, जिला महासचिव, विधानसभा अध्यक्ष और ब्लॉक अध्यक्ष के लिए मतदान शामिल है।
पहली बार ब्लॉक अध्यक्ष का भी सीधा चुनाव
इस चुनाव में ब्लॉक स्तर पर भी बड़ा बदलाव किया गया है। ब्लॉक अध्यक्ष का चुनाव पहली बार प्रत्यक्ष मतदान से होगा। इससे चुनावी मुकाबला संगठन के सबसे निचले स्तर तक पहुंच गया है। ब्लॉक अध्यक्ष का पद इसलिए भी अहम है क्योंकि विधानसभा और जिला स्तर की राजनीतिक गतिविधियों में ब्लॉक संगठन की भूमिका महत्वपूर्ण रहती है। ऐसे में दावेदारों को सिर्फ बड़े नेताओं का समर्थन हासिल करना ही काफी नहीं होगा। उन्हें सदस्यों और जमीनी कार्यकर्ताओं के बीच भी अपनी पकड़ दिखानी होगी।
17 नाम, किसके सिर सजेगा अध्यक्ष का ताज?
प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए 17 दावेदार मैदान में हैं। चुनावी जानकारी के मुताबिक इनमें शैलेंद्र बंजारे, सत्येंद्र चेलक, विनयशील, प्रशांत बोकड़े, जसमीत शर्मा, लोकेश वशिष्ठ, सोनू शर्मा, निखिलकांत साहू, हनी बग्गा और सजल चंद्राकर समेत अन्य दावेदार शामिल हैं। चुनाव नजदीक आते ही दावेदारों ने जनसंपर्क और कार्यकर्ताओं से संपर्क बढ़ा दिया है। बड़े कांग्रेस नेताओं के समर्थन को लेकर भी संगठन के भीतर समीकरण बन रहे हैं। ऐसे में यह चुनाव सिर्फ युवा कांग्रेस के नए पदाधिकारियों का चयन नहीं होगा, बल्कि संगठन के भीतर अलग-अलग गुटों की ताकत का भी परीक्षण माना जा रहा है।
10 लाख से ज्यादा युवा डाल सकते हैं वोट
प्रदेश में 10 लाख से अधिक युवा सदस्य मतदान कर सकते हैं। हालांकि मतदान का अधिकार उन्हीं सदस्यों को मिलेगा, जो निर्धारित पात्रता पूरी करते हैं और वैध सदस्य हैं। ऑनलाइन होने वाली इस चुनाव प्रक्रिया में छह अलग-अलग संगठनात्मक पदों के लिए मतदान होना है। इसलिए चुनावी मुकाबला केवल प्रदेश अध्यक्ष तक सीमित नहीं रहेगा। जिला, विधानसभा और ब्लॉक स्तर पर भी दावेदारों के बीच सीधी टक्कर देखने को मिलेगी।


