Gangrel Dam: मानसून के सुहावने मौसम और त्यौहारों के सीजन में यदि आप प्रकृति के बीच सुकून भरे पल बिताना चाहते हैं, तो धमतरी जिले का गंगरेल बांध (रविशंकर सागर जलाशय) आपके लिए सबसे बेहतरीन डेस्टिनेशन है। अपनी विशाल जलराशि, शानदार सूर्यास्त और वॉटर स्पॉट्स के कारण इसे अब ‘मिनी गोवा’ के नाम से भी जाना जाने लगा है।
पहले जहाँ केवल बांध के गेट खुलने पर ही आसपास के लोग यहाँ आते थे, वहीं अब बोटिंग और कयाकिंग जैसी रोमांचक सुविधाओं के चालू होने से गंगरेल की ख्याति दूर-दूर तक फैल चुकी है।
वॉटर स्पोर्ट्स, कयाकिंग और एडवेंचर गतिविधियों का मुख्य केंद्र
गंगरेल और रुद्री डैम में शुरू की गई बोटिंग, कयाकिंग और अन्य एडवेंचर वॉटर स्पोर्ट्स गतिविधियों ने युवाओं तथा साहसिक खेल प्रेमियों को अपनी ओर खासा आकर्षित किया है। शांत जलतरंगें, हरियाली से ढकी सुरम्य पहाड़ियां और मनोहारी वातावरण पर्यटकों को एक अविस्मरणीय अनुभव देता है। धमतरी अब महज एक सामान्य पड़ाव न होकर राज्य का एक प्रमुख टूरिज्म हब बनकर उभर चुका है, जहाँ रोमांच और प्राकृतिक सुंदरता का अद्भुत मेल देखने को मिलता है।

प्रमुख आकर्षण: माडमसिल्ली, रुद्री डैम और नरहरा जलप्रपात
धमतरी जिला समृद्ध प्राकृतिक विविधता से भरा हुआ है। यहाँ के प्रमुख दर्शनीय स्थलों में शामिल हैं:
गंगरेल जलाशय (मिनी गोवा): वॉटर बोटिंग, शानदार सनसेट और एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए प्रसिद्ध।
रुद्री डैम: पारिवारिक पिकनिक, कयाकिंग और शांत वातावरण के लिए सप्ताहांत की पहली पसंद।
माडमसिल्ली बांध: यह एशिया का एकमात्र ‘साइफन सिस्टम’ (Syphon Dam) वाला अनूठा बांध है, जो अपनी विशेष स्थापत्य कला के लिए जाना जाता है।
नरहरा जलप्रपात एवं जबर्रा हिल्स: घने जंगलों और कल-कल बहते झरनों के बीच ट्रेकर्स और प्रकृति प्रेमियों के लिए एक आदर्श स्थान।
धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थल: सिहावा का श्रृंगऋषि पर्वत, कर्णेश्वर महादेव और सप्तऋषि आश्रम।
समृद्ध जल संपदा: लबालब भरे बांध और जलाशयों का जलस्तर
इस वर्ष पर्याप्त वर्षा होने से धमतरी जिले के सभी प्रमुख जलाशयों में भरपूर जल भराव हुआ है, जिससे यहाँ की प्राकृतिक सुंदरता और अधिक मनोरम हो गई है।
रविशंकर सागर (गंगरेल): 90.72% जलभराव (जलस्तर 347.95 मीटर / 1141.62 फीट)।
मूरूमसिल्ली जलाशय: 98.82% जलभराव (जलस्तर 376.22 मीटर / 1234.37 फीट)।
दुधावा जलाशय: 82.37% जलभराव (जलस्तर 423.88 मीटर)।
सोंढूर जलाशय: 68.90% जलभराव (जलस्तर 468.52 मीटर)।
सुरक्षा इंतजाम और स्थानीय युवाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर
पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए जिला प्रशासन ने पुख्ता सुरक्षा इंतजाम किए हैं। वॉटर स्पोर्ट्स के दौरान लाइफ जैकेट पहनना और प्रशिक्षित गाइडों की उपस्थिति अनिवार्य की गई है। साथ ही सुव्यवस्थित पार्किंग, स्वच्छ पेयजल, सुंदर उद्यानों और विश्राम स्थलों की व्यवस्था की गई है। पर्यटन के इस विस्तार से स्थानीय युवाओं को बोटिंग संचालन, गाइड, खान-पान (फूड स्टॉल) और हस्तशिल्प के क्षेत्र में स्वरोजगार व आजीविका के नए अवसर प्राप्त हो रहे हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिली है।
FAQs
Q1. छत्तीसगढ़ के किस पर्यटन स्थल को ‘मिनी गोवा’ के नाम से जाना जाता है?
उत्तर: धमतरी जिले में स्थित रविशंकर सागर जलाशय यानी ‘गंगरेल बांध’ को ‘मिनी गोवा’ के नाम से जाना जाता है।
Q2. एशिया का पहला साइफन सिस्टम (Syphon System) वाला बांध कौन सा है?
उत्तर: धमतरी जिले में स्थित माडमसिल्ली (मूरूमसिल्ली) बांध एशिया का पहला साइफन सिस्टम वाला बांध है।
Q3. गंगरेल बांध में पर्यटकों के लिए क्या-क्या मुख्य आकर्षण और गतिविधियां उपलब्ध हैं?
उत्तर: गंगरेल बांध में पर्यटकों के लिए वॉटर बोटिंग, कयाकिंग, एडवेंचर स्पोर्ट्स, प्राकृतिक सनसेट पॉइंट और खूबसूरत उद्यानों का आकर्षण उपलब्ध है।
Q4. पर्यटकों की सुरक्षा के लिए जिला प्रशासन द्वारा क्या नियम लागू किए गए हैं?
उत्तर: वॉटर स्पोर्ट्स के दौरान लाइफ जैकेट का इस्तेमाल और प्रशिक्षित गाइडों की मौजूदगी अनिवार्य की गई है। इसके अलावा स्वच्छ पेयजल, पार्किंग और नियमित साफ-सफाई की व्यवस्था भी की गई है।
Q5. गंगरेल बांध में पर्यटन के विकास से स्थानीय लोगों को क्या लाभ हुआ है?
उत्तर: पर्यटन गतिविधियों के बढ़ने से स्थानीय युवाओं के लिए गाइड, बोटिंग संचालन, खान-पान (कैटरींग) और हस्तशिल्प विक्रय जैसे क्षेत्रों में स्वरोजगार तथा आजीविका के नए रास्ते खुले हैं।


