बीरगांव नगर निगम चुनाव की तैयारी
बीरगांव निगम चुनाव: 1 लाख से अधिक मतदाता करेंगे मतदान, इस बार पार्षद और महापौर के लिए डाले जाएंगे दो वोट।

Birgaon Municipal Corporation Election: बीरगांव नगर निगम चुनाव की सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इस बार बीरगांव निगम क्षेत्र में मतदाताओं की संख्या 1 लाख के पार पहुंच चुकी है। पिछले चुनाव (2021) में यहाँ कुल 80,441 मतदाता थे, जिसमें इस बार भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

वोटरों की संख्या बढ़ने की वजह से इस चुनाव में 100 से भी अधिक मतदान केंद्र बनाए जाने की सहमति बन गई है। इस चुनाव की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इस बार जनता सीधे महापौर चुनेगी।

एक मतदाता डालेगा दो वोट: सीधे चुना जाएगा महापौर

बीरगांव नगर निगम में इस बार मतदान प्रक्रिया में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। प्रत्येक मतदाता पार्षद प्रत्याशी के साथ-साथ महापौर पद के प्रत्याशी को भी सीधे वोट देगा, यानी हर वोटर दो वोट डालेगा।

बता दें कि वर्ष 2021 के निकाय चुनाव में महापौर का चयन चुने हुए पार्षदों द्वारा अप्रत्यक्ष रूप से किया गया था। तब कांग्रेस के 19 पार्षद जीतने के बाद भी जोड़-तोड़ से पार्टी का महापौर बना था। लेकिन इस बार प्रत्यक्ष मतदान और प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के चलते चुनावी समीकरण पूरी तरह बदल चुके हैं।

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वार्ड आरक्षण से बदले समीकरण

वार्डों के नए आरक्षण की घोषणा के बाद कई दिग्गजों का चुनाव लड़ना तय नहीं हो पाया है। ऐसे अनुभवी नेताओं को चुनावी मैदान से हटाकर बूथ मैनेजमेंट की अहम जिम्मेदारियां देने का फैसला लिया गया है। राजनीतिक दल इन नेताओं के अनुभव का उपयोग बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने और वोट शेयर बढ़ाने में करेंगे।

पुरुषों से अधिक महिला मतदाता

बीरगांव निगम में महिला वोटरों की भूमिका निर्णायक रहने वाली है। एसआईआर (SIR) के आंकड़ों के अनुसार इस बार भी पुरुष मतदाताओं से अधिक महिला मतदाताओं की संख्या है।

पिछले चुनाव का आंकड़ा (2021): कुल मतदाता 80,441 (पुरुष 36,799, महिला 43,627, अन्य 15)।

महिलाओं के लिए आरक्षित महापौर पद

इस बार की स्थिति: महिला वोटरों का दबदबा बरकरार है और महापौर का पद भी इस बार महिला वर्ग के लिए आरक्षित हो चुका है।

यही वजह है कि भाजपा और कांग्रेस दोनों ही प्रमुख पार्टियों का मुख्य फोकस महिला वर्ग को साधने पर रहेगा, जिसका असर चुनावी घोषणापत्रों में भी देखने को मिलेगा।

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आचार संहिता से पहले शिलान्यास और लोकार्पण की मची होड़

चुनावी आचार संहिता लागू होने से ठीक पहले पार्षदों और एमआईसी सदस्यों के बीच विकास कार्यों के शिलान्यास और लोकार्पण कराने की होड़ मच गई है।

पार्षद वर्क ऑर्डर के आधार पर पुराने और नए निर्माण कार्य जल्द से जल्द शुरू करवा रहे हैं।

निगम दफ्तरों में जनप्रतिनिधियों की चहल-पहल बढ़ गई है।

ठेकेदारों के बकाये बिलों का भुगतान कराने और नए काम पास कराने में भी पार्षद खासी दिलचस्पी ले रहे हैं।

वार्डों में जनता का मिजाज जानने सर्वे शुरू

बीरगांव निगम के 40 वार्डों में नवंबर-दिसंबर में चुनाव प्रस्तावित हैं। चुनाव की गंभीरता को देखते हुए भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों ने वार्डों में गुप्त सर्वे शुरू कर दिया है। सर्वे टीम स्थानीय निवासियों से पूछ रही है कि उन्हें कैसा उम्मीदवार चाहिए। दावेदारों के नामों पर भी प्रत्यक्ष प्रतिक्रिया ली जा रही है। बीरगांव में 40 वार्ड होने के कारण इन नतीजों का प्रभाव आगामी बड़े चुनावों पर भी पड़ेगा, जिससे दोनों दलों पर जीत का भारी दबाव है।

(FAQs)

Q1. बीरगांव नगर निगम चुनाव में इस बार मतदाता कितने वोट डालेंगे?

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उत्तर: इस बार प्रत्येक मतदाता दो वोट डालेगा—एक अपने वार्ड के पार्षद के लिए और दूसरा महापौर प्रत्याशी के लिए।

Q2. बीरगांव में इस बार कुल कितने मतदाताओं और मतदान केंद्रों की संभावना है?

उत्तर: इस बार बीरगांव में मतदाताओं की संख्या 1 लाख से अधिक हो चुकी है और इसके लिए 100 से ज्यादा पोलिंग बूथ बनाए जाएंगे।

Q3. बीरगांव नगर निगम में महापौर का पद इस बार किसके लिए आरक्षित है?

उत्तर: बीरगांव नगर निगम में इस बार महापौर का पद महिला प्रत्याशी के लिए आरक्षित किया गया है।

Q4. वर्ष 2021 के बीरगांव निगम चुनाव में क्या चुनावी स्थिति थी?

उत्तर: 2021 के चुनाव में 80,441 मतदाता थे। तब कांग्रेस के 19 और भाजपा के 10 पार्षद जीते थे, जिसके बाद अप्रत्यक्ष प्रणाली से पार्षदों द्वारा कांग्रेस का महापौर चुना गया था।

Q5. बीरगांव नगर निगम में कुल कितने वार्ड हैं और चुनाव कब तक संभावित हैं?

उत्तर: बीरगांव नगर निगम में कुल 40 वार्ड हैं और चुनाव नवंबर-दिसंबर के महीने में कराए जाने की संभावना है।

रिपोर्टर श्रवण शर्मा 28 वर्षों से पत्रकारिता जगत में कार्यरत हैं। पूर्व में लगभग 7 वर्षो तक दिल्ली के प्रतिष्ठित अखबारों में पत्रकार के रूप में कार्य किया। इसके पश्चात विगत 21 वर्षों से छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कार्यरत हैं। दैनिक जागरण ग्रुप के नईदुनिया संस्थान में 17 वर्ष तक कार्य किया। वर्तमान में टीआरपी न्यूज में गत वर्ष से कार्य कर रहे हैं।
पत्रकारिता जगत में राजनीतिक खबरों से लेकर खेल, धर्म-समाज, पर्यटन, संस्कृति, पुरातत्व, समाज एवं कल्याण विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, बाल संरक्षण आयोग, महिला आयोग, सहित विविध विभागों की रिपोर्टिंग का अनुभव रहा है। पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य सामाजिक क्षेत्र में बदलाव और आम जनता की समस्याओं को सटीक रूप से उजागर करना है।