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Swine flu re-infection causes: देश के विभिन्न राज्यों में स्वाइन फ्लू (H1N1) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। दिल्ली, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में मरीज अस्पतालों में भर्ती हो रहे हैं। छत्तीसगढ़ के 19 जिलों में करीब 170 मामले दर्ज हो चुके हैं, जिनमें अकेले रायपुर में 73 मरीज मिले हैं।
हालांकि अधिकतर मामलों में लक्षण हल्के हैं और मरीज रिकवर हो रहे हैं, लेकिन चिकित्सा विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यह संक्रमण एक ही व्यक्ति को एक से अधिक बार हो सकता है।
एक से ज्यादा बार क्यों होता है स्वाइन फ्लू?
विशेषज्ञों के अनुसार, स्वाइन फ्लू किसी भी व्यक्ति को दोबारा हो सकता है। यह बाकी वायरस की तरह ही काम करता है। ऐसा नहीं है कि H1N1 से एक बार संक्रमित होने के बाद व्यक्ति हमेशा के लिए सुरक्षित हो जाता है। इसका मुख्य कारण वायरस के अलग-अलग स्ट्रेन हैं। जब कोई व्यक्ति पहली बार संक्रमित होता है, तो उसके शरीर में केवल उसी स्ट्रेन के खिलाफ इम्यूनिटी बनती है। यदि व्यक्ति बाद में किसी अन्य स्ट्रेन के संपर्क में आता है, तो उसे दोबारा स्वाइन फ्लू हो सकता है।
स्वाइन फ्लू के स्ट्रेन और प्रमुख लक्षण
इंसानों को संक्रमित करने वाले मुख्य स्ट्रेन में H1N1 के अलावा H3N2, H1N2 और H3N1 शामिल हैं। इनमें से H3N1 के मामले कम आते हैं, लेकिन बाकी स्ट्रेन इंसानों में संक्रमण फैला सकते हैं। कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों में दोबारा संक्रमित होने का जोखिम अधिक रहता है। दोबारा संक्रमित होने पर भी आमतौर पर पहले जैसे ही लक्षण दिखाई देते हैं, जिनमें शामिल हैं:
- अचानक तेज बुखार और ठंड लगना
- सूखी खांसी और गले में खराश
- शरीर, मांसपेशियों और जोड़ों में तेज दर्द
- अत्यधिक कमजोरी और थकान महसूस होना
प्रदेशभर में निगरानी बढ़ा दी गई
छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू (H1N1) संक्रमण के मामले बढ़ने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेशभर में निगरानी बढ़ा दी है। राज्य के करीब 19 जिलों में स्वाइन फ्लू के मामले सामने आ चुके हैं और कुल मरीजों की संख्या 170 के करीब पहुंच गई है। सबसे ज्यादा 73 मामले राजधानी रायपुर में दर्ज किए गए हैं, जहां फिलहाल 14 एक्टिव मरीज हैं। संक्रमण के फैलाव को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों में तैयारियां तेज कर दी हैं।
अस्पतालों में बढ़ाई जा रही बेड की क्षमता
मामलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए रायपुर के जिला अस्पताल में व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है। यहां आइसोलेशन वार्ड की क्षमता को 10 से बढ़ाकर 20 बेड करने की योजना पर काम चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, वर्तमान में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, लेकिन आगामी दिनों में संक्रमण की स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण रहेगा।
सतर्कता, समय पर पहचान और बचाव ही मुख्य रणनीति
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इस स्थिति में घबराने के बजाय सतर्कता, समय पर बीमारी की पहचान और उचित उपचार सबसे प्रभावी रणनीति है। संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए आम जनता से हाथों की नियमित सफाई, खांसते या छींकते समय सावधानी बरतने, संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाए रखने और लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सीय सलाह लेने की अपील की गई है। विभाग की सतत निगरानी और नागरिकों की सजग भागीदारी से संक्रमण के प्रभाव को कम किया जा सकता है।
घबराहट नहीं, सतर्कता और बचाव जरूरी
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। स्वाइन फ्लू से निपटने के लिए घबराहट के बजाय सतर्कता, समय पर पहचान और उचित इलाज सबसे प्रभावी तरीका है। बचाव के लिए हाथों की नियमित सफाई, खांसते या छींकते समय सावधानी, संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाए रखने और लक्षण दिखने पर समय पर डॉक्टर से सलाह लेने की अपील की गई है।
5 FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
Q1: क्या स्वाइन फ्लू एक व्यक्ति को एक से ज्यादा बार हो सकता है?
उत्तर: हां, स्वाइन फ्लू के अलग-अलग स्ट्रेन होने के कारण यह एक ही व्यक्ति को दोबारा या एक से अधिक बार हो सकता है।
Q2: स्वाइन फ्लू के कौन-कौन से स्ट्रेन इंसानों को संक्रमित करते हैं?
उत्तर: इंसानों को H1N1, H3N2, H1N2 और H3N1 स्ट्रेन संक्रमित कर सकते हैं। इनमें H3N1 के मामले काफी कम आते हैं।
Q3: स्वाइन फ्लू के दोबारा होने की मुख्य वजह क्या है?
उत्तर: पहली बार संक्रमण होने पर शरीर में सिर्फ एक स्ट्रेन के खिलाफ इम्यूनिटी बनती है। दूसरे स्ट्रेन के संपर्क में आने पर व्यक्ति दोबारा बीमार पड़ सकता है।
Q4: छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू की क्या स्थिति है?
उत्तर: छत्तीसगढ़ के 19 जिलों में करीब 170 मामले सामने आए हैं, जिनमें से रायपुर में 73 मामले और 14 एक्टिव मरीज हैं।
Q5: स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए क्या उपाय अपनाएं?
उत्तर: हाथों की सफाई रखें, खांसते-छींकते समय मुंह ढकें, संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाएं और लक्षण दिखने पर डॉक्टर से सलाह लें।


