Neem Karoli Dham Kainchi Dham Uttarakhand travel places Nainital

Neem Karoli Dham: नीम करौली धाम यानी कैंची धाम भक्तों के बीच बेहद मान्यता रखता है। यहां देश-विदेश से लोग दर्शन के लिए पहुंचते हैं। बाबा नीम करौली के जीवन पर हाल ही में फिल्म हनुमान अंश भी बनी है। इसकी एक्ट्रेस भी कैंची धाम पहुंची थीं।

अगर आप भी नीम करौली धाम जाने का प्लान बना रहे हैं, तो आसपास की इन जगहों को अपनी बकेट लिस्ट में शामिल कर सकते हैं। यहां कैंची धाम के आसपास कई ऐसी जगहें हैं, जहां दर्शन के साथ घूमने का भी मौका मिलेगा।

कैंची धाम के साथ घूमने का बनाएं प्लान

नीम करौली आश्रम को कैंची धाम के नाम से भी जाना जाता है। आध्यात्मिक नजरिए से यह जगह खास है। इसके आसपास हरियाली और पहाड़ों के खूबसूरत नजारे भी देखने को मिलते हैं। दर्शन के बाद आप आसपास की दूसरी जगहों पर घूम सकते हैं।

नैनीताल

झीलों के शहर के रूप में मशहूर नैनीताल सबसे लोकप्रिय टूरिस्ट स्पॉट है। कैंची धाम से नैनीताल की दूरी 17 से 20 किलोमीटर है। यहां पहुंचने में लगभग 40 से 50 मिनट का समय लगता है। पर्यटक पब्लिक ट्रांसपोर्ट, कैब या पर्सनल वाहन के जरिए आसानी से यहां पहुंच सकते हैं।

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हनुमान गढ़ी मंदिर

नैनीताल में स्थित हनुमान गढ़ी मंदिर की धार्मिक मान्यता काफी अधिक है। कहा जाता है कि बाबा नीम करौली अक्सर इस मंदिर में दर्शन के लिए आया करते थे। यह जगह कैंची धाम से लगभग 20 से 21 किलोमीटर दूर है। भवाली से होकर जाने वाले इस रास्ते पर पहुंचने में 50 से 60 मिनट लगते हैं।

घोड़ाखाल गोलू देवता मंदिर

आश्रम से घोड़ाखाल का गोलू देवता मंदिर 9 से 11 किलोमीटर की दूरी पर है। यह उत्तराखंड के सबसे प्रसिद्ध और मान्यता प्राप्त देवताओं में से एक है। कैंची धाम से यहां पहुंचने में 30 से 40 मिनट लगते हैं। पहाड़ और चीड़ के घने जंगलों के बीच से गुजरने वाला यह रास्ता प्राइवेट या शेयरिंग टैक्सी से तय किया जा सकता है।

नौकुचियाताल

दर्शन के बाद नौकुचियाताल की यात्रा की जा सकती है, जो कैंची धाम से करीब 22 से 23 किलोमीटर दूर है। भवाली और भीमताल रोड के मुख्य मार्ग से यहां पहुंचने में 1 से सवा घंटा लगता है। नौ कोनों वाली इस झील में सैलानी वाटर एक्टिविटीज और पैराग्लाइडिंग का आनंद उठा सकते हैं।

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ट्रिप में क्या शामिल कर सकते हैं?

अगर आप कैंची धाम जा रहे हैं तो अपनी यात्रा में नैनीताल, हनुमान गढ़ी मंदिर, घोड़ाखाल गोलू देवता मंदिर और नौकुचियाताल को शामिल कर सकते हैं। इससे आध्यात्मिक यात्रा के साथ आसपास की पहाड़ी जगहों को देखने का मौका भी मिलेगा।

रजनी सेन टीआरपी में लाइफस्टाइल से जुड़ी खबरें लिखती हैं। उन्हें रोजमर्रा की जिंदगी, खान-पान, फैशन, त्योहार, संस्कृति, ज्योतिष और बदलते लाइफस्टाइल ट्रेंड्स से जुड़े विषयों पर लिखने का अनुभव है। उनका लेखन सरल, सहज और पाठकों से जुड़ा हुआ है। रजनी सेन ने बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की पढ़ाई की है और पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी लेखन क्षमता के जरिए पाठकों तक उपयोगी और रोचक जानकारी पहुंचाने का प्रयास करती हैं।