Chhattisgarh ka Mausam: छत्तीसगढ़ में मानसून की गतिविधियों के बीच मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलता नजर आ रहा है। मौसम केंद्र रायपुर ने 5 सितंबर 2026 को प्रदेश के सात जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के तात्कालिक पूर्वानुमान के मुताबिक इन जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। बादलों की आवाजाही के साथ गरज-चमक वाली बौछारों की भी संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग के अनुसार कबीरधाम, राजनांदगांव, कांकेर, नारायणपुर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा में बारिश की संभावना है। इन जिलों के कुछ हिस्सों में मौसम अचानक बदल सकता है। खासकर वनांचल और मैदानी क्षेत्रों में स्थानीय परिस्थितियों के कारण हल्की बारिश के साथ गरज-चमक देखने को मिल सकती है। लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
कबीरधाम और राजनांदगांव में भी बारिश के आसार
पश्चिमी छत्तीसगढ़ के कबीरधाम और राजनांदगांव में सुबह से बादलों की मौजूदगी देखी जा सकती है। मौसम में नमी बढ़ने के कारण कुछ स्थानों पर हल्की बौछारें पड़ने की संभावना है। यदि गरज-चमक के साथ बारिश होती है तो स्थानीय स्तर पर थोड़े समय के लिए मौसम ज्यादा सक्रिय हो सकता है। मैदानी इलाकों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत होगी। वहीं रायपुर में आज भी उमस का सामना करना पड़ सकता है।

बस्तर संभाग के इन जिलों में भी अलर्ट
दक्षिण छत्तीसगढ़ में कांकेर और नारायणपुर से लेकर दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा तक बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। मौसम विभाग ने इन जिलों में एक-दो स्थानों पर बौछारों की संभावना जताई है। बस्तर के वन क्षेत्रों में बादल बनने और स्थानीय स्तर पर बारिश होने की स्थिति बन सकती है। इससे तापमान में मामूली गिरावट भी संभव है।
मानसून की द्रोणिका और नमी का असर
मौसम में बदलाव के पीछे मानसून से जुड़ी मौसमी परिस्थितियों और वातावरण में मौजूद नमी को प्रमुख कारण माना जा रहा है। पश्चिमी और दक्षिणी हिस्सों में नमी मिलने के कारण स्थानीय स्तर पर बादल विकसित हो सकते हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार ऐसे सिस्टम के प्रभाव से कुछ इलाकों में अचानक गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है, जबकि आसपास के क्षेत्रों में मौसम अपेक्षाकृत सामान्य रह सकता है।
किसानों को मिल सकती है राहत
बारिश की संभावना वाले जिलों के किसानों के लिए हल्की बौछारें राहत लेकर आ सकती हैं। खासकर धान की फसल वाले क्षेत्रों में पर्याप्त नमी फसल के लिए उपयोगी हो सकती है। हालांकि जिन इलाकों में पहले से खेतों में पर्याप्त पानी है, वहां लगातार या तेज बारिश होने पर जलभराव की स्थिति भी बन सकती है। किसानों को स्थानीय मौसम के अनुसार कृषि गतिविधियों की योजना बनाने की सलाह दी जाती है।
वाहन चालकों और आम लोगों को सावधानी जरूरी
बारिश के दौरान सड़क पर फिसलन और कुछ निचले इलाकों में अस्थायी जलभराव की स्थिति बन सकती है। सुबह या बारिश के दौरान यात्रा करने वाले वाहन चालकों को गति नियंत्रित रखने की जरूरत होगी। वहीं गरज-चमक के समय खुले मैदान, बड़े पेड़, बिजली के खंभे और अन्य असुरक्षित स्थानों से दूर रहना बेहतर है। मौसम खराब होने पर सुरक्षित इमारत में शरण लेना चाहिए।
बाकी जिलों में कैसा रहेगा मौसम?
येलो अलर्ट सात जिलों के लिए जारी किया गया है, जबकि प्रदेश के बाकी हिस्सों में मौसम सामान्य से आंशिक रूप से बादलयुक्त रह सकता है। हालांकि मानसूनी परिस्थितियों के कारण स्थानीय स्तर पर बारिश से पूरी तरह इनकार नहीं किया जा सकता। अगले 24 से 48 घंटों में प्रदेश के कुछ अन्य हिस्सों में भी हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
आगे भी जारी हो सकता है मौसम अपडेट
मौसम केंद्र रायपुर लगातार मौसमी परिस्थितियों पर नजर बनाए हुए है। वर्तमान अलर्ट तात्कालिक प्रकृति का है और परिस्थितियों के अनुसार इसमें बदलाव संभव है। इसलिए बारिश प्रभावित जिलों के लोगों को मौसम विभाग के नए अपडेट पर नजर रखनी चाहिए। विशेष रूप से गरज-चमक या तेज बारिश के दौरान सुरक्षा संबंधी सावधानियों का पालन करना जरूरी रहेगा।


