Electricity Meter Check: बिजली का बिल थोड़ा भी बढ़ जाए तो इसका असर घर के बजट पर पड़ता है। गर्मियों में एसी और कूलर दिन-रात चलने से बिल बढ़ना आम है। लेकिन अगर आपको लगता है कि बिजली की खपत कम होने के बावजूद बिल ज्यादा आ रहा है, तो इसे नजरअंदाज न करें।
इसकी एक वजह मीटर में खराबी भी हो सकती है। ऐसे में MCB टेस्ट, मीटर रीडिंग और स्मार्ट मीटर एप के जरिए इसकी जांच की जा सकती है।
MCB बंद करके करें मीटर की जांच
सबसे पहले घर की मेन MCB बंद कर दें। इसके बाद बिजली मीटर की लाइट देखें। अगर MCB बंद करने के बाद भी मीटर की लाइट आती रहती है, तो यह गड़बड़ी का संकेत है।
वहीं, अगर MCB बंद करने के बाद मीटर की लाइट बंद हो जाती है, तो कई बार इसकी वजह वायरिंग लीकेज हो सकती है।
पहले और बाद की रीडिंग करें नोट
अगले चरण में मीटर की शुरुआती रीडिंग पेपर पर नोट कर लें। इसके बाद 1000 वाट का कोई लैम्प या हीटर एक घंटे के लिए ऑन करके रखें।
एक घंटे बाद मीटर की आखिरी रीडिंग चेक करें। अगर शुरुआती और आखिरी रीडिंग में एक यूनिट यानी 1 किलोवाट घंटे का अंतर आता है, तो समझें कि मीटर सही चल रहा है।
अगर रीडिंग में अंतर एक यूनिट से ज्यादा या कम आता है, तो इससे मीटर के तेज या धीमे चलने का पता चलता है।
स्मार्ट मीटर है तो मोबाइल एप से मिलाएं रीडिंग
इन दिनों स्मार्ट मीटर के साथ मोबाइल एप की सुविधा भी उपलब्ध है। इसमें दिखाई जा रही बिजली की खपत को मीटर की रीडिंग से मिलाया जा सकता है। इससे दोनों रीडिंग के बीच अंतर की जानकारी मिल सकती है।
संतुष्टि न हो तो इलेक्ट्रिशियन को दिखाएं
अगर इन तरीकों के बाद भी आपको मीटर की रीडिंग को लेकर संतुष्टि नहीं होती है, तो इलेक्ट्रिशियन को बुला सकते हैं। इसके लिए बिजली विभाग में आवेदन देकर घर के मीटर के साथ वायरिंग लीकेज की भी जांच कराई जा सकती है।
बिजली की खपत कम करने के आसान तरीके
बिजली का बिल कम रखने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखा जा सकता है।
- एसी का तापमान 24-26 डिग्री के बीच रखें।
- ज्यादा पुराने बिजली के उपकरणों की जगह नए उपकरण इस्तेमाल करें।
- कमरे से बाहर निकलते समय लाइट और पंखा बंद कर दें।
- जिन उपकरणों का इस्तेमाल कम होता है, उन्हें अनप्लग कर दें।


