तेहरान/वाशिंगटन। एक तरफ कोरोना वायरस से पूरी दुनिया जंग लड़ रहा है। वहीं दूसरी तरफ अमेरिका और ईरान के बीच फिर तनातनी शुरू हो गई है और दोनों देश एक बार फिर से अपने तीखी बयानबाजी से एक दूसरे को धमकी दे रहे हैं।

ये हाल तब है जब दोनों ही देश अपने यहां कोरोना वायरस के प्रकोप को कम कर पाने में अब तक नाकाम रहे हैं। इसके अलावा विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन बार-बार सभी देशों से मिलकर कोविड-19 के खिलाफ काम करने की अपील कर रहा है।

हालांकि ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड के कमांडर ने पहले ही अमेरिका को धमकी दी थी कि उन्‍होंने अपने सैन्‍य बलों को अमेरिकी नौसेना को निशाना बनाने का आदेश दिया है। ईरानी गार्ड के जनरल हुसैन सलामी ने साफ कर दिया है कि यदि उन पर हमला हुआ तो उनकी सेनाएं किसी भी कार्रवाई का जवाब तुरंत देने के लिए तैयार हैं।

राष्‍ट्रपति ट्रंप ने आशंका जताई है कि ईरान इराक में अमेरिकी फौज पर हमला कर सकता है। उन्‍होंने धमकी भरे अंदाज में यहां तक कहा है कि यदि ऐसी गलती की तो फिर ईरान को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।

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आपको बता दें कि अमेरिका ने ईरान पर कई तरह के आर्थिक प्रतिबंध लगाए हुए हैं। इसका सीधा असर उन देशों पर पड़ा है जो ईरान से तेल खरीदते थे। इनमें भारत और चीन शामिल हैं। हालांकि भारत ने समय रहते खुद को इससे संभालने में सफलता हासिल की है। पहले जहां ईरान से भारत की जरूरत का अधिकांश तेल आता था वहीं अब सऊदी अरब समेत दूसरे देश इसकी सप्‍लाई कर रहे हैं।

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