रायपुर। परिवहन विभाग से मिली अनुमति के बाद भी बस संचालको ने बस संचालन में असमर्थता जताई है। 3 मांगे पूरी नही होने के कारण संचालकों ने बस चलाने से इंकार कर दिया है। बस संचालको की इस घोषणा के बाद परिवहन मंत्री ने बस मालोकों की बैठक बुलाई है। ये बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये बैठक होगी।

बस मालिकों ने सरकार से मांग रखी है कि उन्हें लॉकडाउन अवधि के आगामी 6 माह तक का टैक्स में छूट दी जाए, डीजल की कीमतों के अनुपात में यात्री किराए में वृद्धि और नॉन यूज बसों को बिना टैक्स लिए खड़ी करने की अनुमति दी जाए। इन सभी मांगो के पूरे होने के बाद ही बस मालिकों ने बस चलाने की बात कही है।

बता दें छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में यात्री बसों के संचालन की अनुमति दे दी है। राज्य सरकार ने आम जनता की आवश्यकता और सुविधा को देखते हुए राज्य के भीतर तथा अंतर-जिला आवागमन के लिए यात्री बसों के संचालन की अनुमति दे दी है। राज्य शासन ने यात्री बसों के परिचालन के दौरान कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों और सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन करने का निर्देश दिया है।

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परिवहन आयुक्त ने राज्य में यात्री बसों के संचालन के संबंध में अवगत कराया है कि प्राधिकार द्वारा जारी अनुज्ञा पत्र में बताये गये समय-चक्र तथा फेरे के अनुसार यात्री बसों की संचालन की अनुमति होगी। इसी तरह यात्री बसों के संचालन में प्राधिकार द्वारा जारी अनुज्ञा पत्र के समस्त शर्तों का पालन करना जरुरी होगा। उन्होंने बताया कि केवल निर्धारित ठहराव पर ही बसें रूकेंगी। यात्रा के दौरान बसों के चालक, परिचालक तथा समस्त यात्रियों को चेहरे पर मास्क अनिवार्य रूप से लगाना होगा। परिचालक के द्वारा यात्रियों के बस में चढ़ते अथवा बैठते और उतरते समय सामाजिक दूरी बनाये रखने का पालन करना होगा। अधिकारियों ने बताया कि यात्रियों को यात्रा के दौरान ई-पास प्राप्त करने की बाध्यता नहीं रहेगी।